नई दिल्ली: दिल्ली के पुराने वाहनों के मालिकों ने एक बार फिर राहत की सांस ले रही है। सरकार ने पुराने वाहनों पर प्रस्तावित ईंधन प्रतिबंध को फिलहाल टाल दिया है, जिससे हजारों वाहन मालिकों को कुछ महीनों की मोहलत मिल गई है। अब यह नियम 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होगा।
इस योजना के तहत पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। पहले ये फैसला जुलाई से लागू हुआ था, लेकिन कई नागरिकों और ऑटोमोबाइल उद्योग के प्रतिनिधियों ने इससे जुड़ी चुनौतियों को लेकर आवाज उठाई। खास तौर पर उन परिवारों के लिए यह चिंता का विषय था, जिनके पास वाहन बदलने की आर्थिक क्षमता नहीं है।
मोहलत मिलने से खुश टैक्सी चालक
टैक्सी चालक मुकुंद शर्मा ने बताया कि कि मुझे नया वाहन खरीदने के लिए समय चाहिए। अगर सरकार ने तुरंत प्रतिबंध लगा दिया होता,तो मेरी रोजी-रोटी खतरे में पड़ जाती। हालांकि अब सरकार ने लोगों को थोड़ा वक्त दे दिया है, जिससे उन्होंने चैन की सांस ली है।
प्रदूषण रोकने के लिए उठाने होंगे कदम
सरकारी अधिकारियों ने भी माना है कि तत्काल प्रतिबंध से आम जनता पर बोझ पड़ सकता है। दिल्ली पर्यावरण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य है प्रदूषण नियंत्रण, लेकिन इसे सामाजिक समावेशिता के साथ लागू किया जाना चाहिए। इस टालने से जहां आम नागरिकों को राहत मिली है, वहीं यह संकेत भी साफ है कि दिल्ली को अपने प्रदूषण से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। आने वाले महीनों में देखना होगा कि सरकार इस मोर्चे पर कैसे आगे बढ़ती है और जनता किस हद तक तैयार होती है इस नए नियम का पालन करने के लिए।
वहीं दिल्ली में ईंधन खुदरा विक्रेताओं के संगठन डीपीडीए ने मंगलवार को पुराने वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध को एक नवंबर तक स्थगित करने के फैसले की सराहना की। वायु गुणवत्ता पर केंद्र सरकार की एक समिति ने मंगलवार को मियाद खत्म होने (ईओएल) के करीब पहुंच चुके या पुराने हो चुके वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध आगे बढ़ाने का फैसला किया था। ईओएल के तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन आते हैं।