
Delhi Hotel Room Rate: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगर आप होटल में रुकना चाहते हैं तो सावधान हो जाएं। होटल में ठहरने का किराया जरूर पता कर लें। कहीं ऐसा न हो होटल बुकिंग के बाद किराया देने में ही आपकी जेब खाली हो जाए। दरअसल, दिल्ली में अगले हफ्ते एआई समिट होने वाली है, जिसमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन सहित दुनियाभर के दिग्गज टेक लीडर्स आने वाले हैं। इस समिट से पहले ही दिल्ली के लग्जरी होटल्स में कमरों की बुकिंग फुल हो चुकी है।
दिल्ली में होटलों के रूम के आसमान छू रहे किराए पर लोकलसर्कल्स ने एक सर्वे जारी किया है। इस सर्वे में कहा गया है कि ट्रैवलर्स मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार होटल के कमरों के रेट पर प्राइस लिमिट तय करे। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
लोकलसर्किल्स सर्वे में भारत के 307 जिलों के 34,000 से ज़्यादा लोगों से जवाब मिले। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जवाब देने वालों में 67% पुरुष थे, जबकि सर्वे में जवाब देने वालों में 33% महिलाएं थीं। कंपनी के प्लेटफॉर्म से इकट्ठा किए गए इस सर्वे में 47% लोग टियर 1 शहरों से, 30% टियर 2 शहरों से, और 23% लोग टियर 3, टियर 4 और दूसरे ग्रामीण जिलों से थे।
नई दिल्ली में 16 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन हो रहा है। इस इवेंट में दुनिया भर से हजारों डेलीगेट्स शामिल होंगे। 35,000 से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। होटलों की बुकिंग अभी से आसमान पर जा चुकी है। यही वजह है कि दिल्ली के प्रमुख लग्जरी होटलों में कमरे का किराया 30 लाख रुपये प्रति रात से भी ज्यादा हो गया है। इस समिट में दुनिया के सबसे प्रभावशाली टेक लीडर्स जैसे सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन भी शामिल होने वाले हैं।
लोकल सर्किल्स सर्वे से पता चला कि जब लोगों से पूछा गया कि भारत को होटल की कीमतों को कैसे रेगुलेट करना चाहिए? इस पर सर्वे में शामिल 74% लोगों ने कहा कि वे एक ऐसी सरकारी बॉडी की उम्मीद कर रहे हैं जिसे ‘होटलों द्वारा मुनाफाखोरी से जुड़ी शिकायतों’ को हल करने के लिए नियुक्त किया जा सके। हालांकि, इसी सर्वे में कुल 11,324 जवाब देने वालों में से 26% ने कहा कि उन्हें लगता है कि होटल के कमरों की कीमतों को रेगुलेट करने के लिए सरकार या किसी रेगुलेटर को नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
इसी जवाब देने वाले ग्रुप में से 22% ने कहा कि सरकार को एक “सीलिंग स्ट्रक्चर” बनाने पर विचार करना चाहिए और कॉम्पिटिशन पर नजर रखने वाली संस्था (कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ़ इंडिया - CCI) से उन लोगों की शिकायतों की जांच करवानी चाहिए, जिन्हें भारत में होटल के कमरों की कथित कीमतों की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। कुल मिलाकर, सर्वे में शामिल 74% कंज्यूमर्स ने बताया कि वे होटलों की मुनाफाखोरी से जुड़ी शिकायतों को हल करने के लिए एक सरकारी बॉडी बनाना चाहिए। लोकलसर्किल्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस सवाल के जवाब में 11,628 लोगों में से 57% ने कहा कि उनसे कई बार ऐसा हुआ जब होटल का किराया ज्यादा वसूला गया है।
दिल्ली में होटलों का किराया बढ़ने पर होटल यूनियनो के प्रतिनिधिों ने पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) ने कहा कि दिल्ली में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान होटल कीमतों को लेकर हालिया खबरों के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई।
उद्योग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मीडिया में जिन 25-30 लाख रुपये तक के कमरे के किराये की खबरें आई हैं, वे लक्जरी और प्रेजिडेंशियल सुइट के लिए हैं, जिनमें कई कमरे शामिल होते हैं। यह आम कमरों की तरह नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि कमरे का किराया मांग के अनुसार तय होता है। एआई सम्मेलन के लिए पहले से की गई कुछ समूह बुकिंग में आम कमरों का किराया 10,000 से 12,000 रुपये के बीच था।
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