Delhi Missing People: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स के जरिए यह दावा किया जा रहा था कि दिल्ली में अचानक लापता लड़कियों के मामलों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इन खबरों से लोगों में डर और बेचैनी का माहौल बन गया। अब दिल्ली पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए साफ किया है कि ऐसा कोई असामान्य उछाल दर्ज नहीं किया गया है।
क्या ‘पेड प्रमोशन’ है ये?
दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि लापता लड़कियों को लेकर जो डर फैलाया जा रहा है, वह असल में पेड ऑनलाइन प्रमोशन के जरिए बढ़ाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोग जानबूझकर इस तरह का नैरेटिव आगे बढ़ा रहे हैं ताकि लोगों में घबराहट पैदा हो और इससे आर्थिक फायदा उठाया जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की हरकतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कहां से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला उन रिपोर्ट्स के बाद गरमाया, जिनमें कहा गया था कि 1 से 15 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली में 807 लोग लापता हुए। इनमें 509 महिलाएं और लड़कियां थीं, जबकि 191 नाबालिग बताए गए। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि रोजाना औसतन 54 लोग लापता हो रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि इन आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया गया।
पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (पीआर) संजय त्यागी ने इन रिपोर्ट्स को अफवाह करार दिया। उनका कहना है कि लापता लोगों के मामलों का ट्रेंड पिछले सालों के मुकाबले अलग नहीं है। बल्कि जनवरी 2026 में ऐसे मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस ने यह भी कहा कि कई मामलों में लोग खुद घर लौट आते हैं या कुछ समय बाद उन्हें ट्रेस कर लिया जाता है।
फिल्म मर्दानी-3 के प्रमोशन का आरोप, राजनीति भी गरमाई
दिल्ली पुलिस की सफाई के बाद भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि लापता बच्चों को लेकर फैलाया जा रहा डर एक पेड कैंपेन है, जिसका मकसद एक हिंदी फिल्म का प्रचार करना है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को हाल ही में रिलीज रानी मुखर्जी स्टारर मर्दानी 3 से जोड़ा है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने भी यही बात कही है कि यह मर्दानी-3 फिल्म के प्रमोशन के लिए किया गया पीआर स्टंट है।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हर पोस्ट पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। पुलिस ने साफ कहा है कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।