
Delhi Today AQI Update: राजधानी दिल्ली एक बार फिर से गैस चेंबर बनता जा रहा है। हवा में घुले प्रदूषण की वजह से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। आज सुबह भी दिल्ली के कई इलाकों में धुंध की चादर छाई दिखी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 22 से 24 अक्टूबर तक वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही रहने की आशंका जताई है। आलम तो ऐसा है कि राजधानी में कुछ जगहों पर AQI 400 को भी पार कर कर गया है।
| जगह | AQI स्तर |
|---|---|
| पंजाबी बाग | 433 |
| वजीरपुर | 401 |
| नेहरू नगर | 398 |
| अशोक विहार | 382 |
| दिलशाद गार्डन | 382 |
| RK पुरम और रोहिणी | 379 |
| बवाना | 380 |
| जहांगीरपुरी | 365 |
| विवेक विहार | 361 |
| ITO | 361 |
| आनंद विहार | 360 |
| बुराड़ी क्रॉसिंग | 360 |
| नॉर्थ कैंपस | 357 |
| पटपड़गंज | 357 |
| पूसा | 355 |
| द्वारका सेक्टर 8 | 353 |
| ओखला फेज 2 | 353 |
| मथुरा रोड | 351 |
| जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम | 351 |
वहीं दिल्ली के पड़ोसी शहरों गाजियाबाद (324), नोएडा (320), मानेसर (320) और हापुड़ (314) में भी इसी तरह की ज़हरीली वायु देखी गई। दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के नियमों का व्यापक उल्लंघन देखा गया, जहां उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिनों के बाद और निर्धारित समय के बाद भी पटाखे फोड़ना जारी रहा, जिससे धुंध बढ़ गई। इस वजह से अभी कुछ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में दिवाली के दिन वायु गुणवत्ता चार साल में सबसे खराब रही तथा रात में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा और सूक्ष्म प्रदूषक कणों (पीएम 2.5) की सांद्रता 675 पर पहुंच गई, जो 2021 के बाद से अब तक का उच्चतम स्तर है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने इसके लिए पटाखों के बजाय आम आदमी पार्टी (आप) शासित पंजाब में पराली जलाए जाने की घटनाओं को जिम्मेदार ठहराया।