Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर चिंता जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कई दिशा-निर्देश जारी किए। अदालत ने एनएचएआई और एमसीडी को सुझाव दिया कि वे राष्ट्रीय राजधानी की सीमा पर स्थित नौ टोल प्लाज़ा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित करने पर विचार करें, ताकि शहर में यातायात भीड़ को कम किया जा सके।
कोर्ट ने वायु प्रदूषण के संकट को हर साल सामने आने वाली समस्या करार दिया और इस खतरे से निपटने के लिए कारगर एवं व्यावहारिक समाधानों का आह्वान किया। उसने 12 अगस्त के अपने अंतरिम आदेश में संशोधन किया और अधिकारियों को उन पुराने वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की अनुमति दे दी, जो भारत स्टेज-6 (बीएस-6) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
स्कूल पर नहीं लिया कोई फैसला
हालांकि, न्यायालय ने नर्सरी से कक्षा पांच तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद करने के दिल्ली सरकार के निर्देश में दखल देने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि सर्दी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, ऐसे में इस फैसले में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर वाहनों की भीड़ को कम करने की कोशिश के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिया कि वे दिल्ली के प्रवेश बिंदुओं पर स्थित नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित करने पर विचार करें।
MDC को दिया कोर्ट ने ये आदेश
पीठ ने खास तौर पर एमसीडी से एक हफ्ते के भीतर इस संबंध में निर्णय लेने को कहा कि क्या यातायात प्रवाह को सुचारु बनाने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने के लिए इन टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।पीठ ने कहा कि हमने एनएचएआई से भी इस संभावना पर विचार करने को कहा है कि दिल्ली में एमसीडी के नौ टोल संग्रह बूथों को ऐसी जगहों पर स्थानांतरित किया जाए, जहां एनएचएआई के कर्मचारी तैनात किए जा सकें और उसके द्वारा एकत्र किए गए टोल का एक हिस्सा एमसीडी को अस्थायी नुकसान की भरपाई के लिए दिया जा सके।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इस बीच, एमसीडी को इस मुद्दे पर सहयोग करने और नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर विचार करने का निर्देश दिया जाता है। संबंधित निर्णय एक सप्ताह के भीतर लिया जाए और रिकॉर्ड में पेश किया जाए।