
उत्तर भारत में सर्दी का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। मौसम से जुड़े ताज़ा संकेत बताते हैं कि आने वाले दिनों में बेहद ठंडे हालात से लोगों को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, सुबह और शाम के समय घना कोहरा अभी कुछ समय तक दैनिक जीवन को प्रभावित करता रह सकता है। खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में दिन की शुरुआत धुंध और कोहरे के साथ होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के जिस दौर को सबसे अधिक ठंडा माना जाता है, वह अब समाप्ति की ओर है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन कोहरे के कारण अगले कुछ दिनों तक यातायात संबंधी दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
उत्तर भारत में सर्दी का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। मौसम से जुड़े ताज़ा संकेत बताते हैं कि आने वाले दिनों में बेहद ठंडे हालात से लोगों को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, सुबह और शाम के समय घना कोहरा अभी कुछ समय तक दैनिक जीवन को प्रभावित करता रह सकता है। खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में दिन की शुरुआत धुंध और कोहरे के साथ होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के जिस दौर को सबसे अधिक ठंडा माना जाता है, वह अब समाप्ति की ओर है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन कोहरे के कारण अगले कुछ दिनों तक यातायात संबंधी दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति एक-सी नहीं है। जहां उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दी का सबसे कठोर चरण अब पीछे छूट चुका है और न्यूनतम तापमान में क्रमिक सुधार देखने को मिलेगा, हालांकि सुबह का कोहरा फिलहाल बना रह सकता है।
18 जनवरी के बाद उत्तर भारत में ठंड की लहर जैसी स्थिति देखने को नहीं मिली। मौसम संकेतों के अनुसार अगले एक सप्ताह तक उत्तर-पश्चिम भारत में अत्यधिक ठंड लौटने के आसार कम हैं। इसके बावजूद पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में रात और सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, न्यूनतम तापमान में पिछले सप्ताह की तुलना में कुछ सुधार देखा गया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे का प्रभाव विशेष रूप से अधिक रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और पूर्वी यूपी व बिहार के कई जिलों में घना कोहरा छाया रह सकता है। लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि वाराणसी, गोरखपुर, पटना और गया में यह 7 से 11 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दिन का तापमान सामान्यतः 20 से 24 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर सकता है।
दिल्ली की बात करें तो यहां भी फिलहाल ठंड की लहर जैसे हालात नहीं बन रहे हैं, लेकिन सुबह हल्के से लेकर घने कोहरे की स्थिति देखी जा सकती है। न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री के आसपास बना रह सकता है। 19 से 21 जनवरी के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बादल छाने, हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इससे तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि बढ़ी हुई नमी के कारण कोहरा कुछ दिन और बना रह सकता है।
मौसम से जुड़े अनुमानों के अनुसार 18 से 23 जनवरी के बीच उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी संभव है। इस दौरान ठंड की लहर की वापसी के संकेत नहीं हैं। सुबह के समय कोहरा बना रहेगा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। 22 और 23 जनवरी के बाद ठंड का असर काफी हद तक कम हो जाने की उम्मीद है।
फिलहाल कोहरा सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके कारण कई ट्रेनों और उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है, वहीं सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ठंड कम हो रही हो, लेकिन सुबह और शाम की ठंडी हवा व नमी से बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मौसम में इस बदलाव की प्रमुख वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मानी जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बादल व हल्की बारिश तापमान को संतुलित करने में मदद कर रही है। आमतौर पर जनवरी के दूसरे हिस्से में ठंड कमजोर पड़ने लगती है और इस बार भी मौसम का रुख कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना अधिक है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की वर्षा देखने को मिल सकती है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया जा सकता है। आने वाले दिनों में बर्फबारी जारी रहने से पहाड़ी सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है, हालांकि 22–23 जनवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार संभव है।
दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर और शुष्क बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून की विदाई के बाद अधिकांश राज्यों में बारिश नहीं हो रही है। केवल सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। तापमान सामान्य सीमा में बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, इस समय उत्तर भारत में ठंड की तीव्रता कम हो रही है। हालांकि कोहरा अभी कुछ दिनों तक चुनौती बना रह सकता है, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी के साथ फरवरी की ओर बढ़ते हुए मौसम धीरे-धीरे अधिक अनुकूल होता नजर आ रहा है।
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