धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है। यह शुभ दिन देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के लिए समर्पित होता है, ताकि घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त हो।
इस दिन घरों में दीपक और दीयों की रोशनी जगमगाती है, रंग-बिरंगी सजावट होती है, और वातावरण में खुशियां और सकारात्मकता फैल जाती है।
अगर आप और आपके प्रियजन इस त्योहार को मना रहे हैं, तो यहां धनतेरस से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई है। तो चलिए बिना देर किये जानते हैं धतेरस की तारीख, पूजा का सही समय (मुहूर्त), पूजा विधि और इसके महत्व के बारे में।
धनतेरस का महत्व और पूजा विधि
धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है ताकि घर में धन, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहे। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
व्यापारी वर्ग अपने दुकान या ऑफिस की सजावट करते हैं और भगवान की पूजा करते हैं ताकि व्यापार में वृद्धि हो और लक्ष्मी कृपा बनी रहे। चूंकि यह दिवाली के पांच दिनी त्योहार की शुरुआत होती है, इसलिए इस दिन घर की सफाई करें, नए कपड़े पहनें, फूलों और दीयों से घर सजाएं, और यम दीप जलाएं ताकि परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु से रक्षा मिले।