पंजाब के धरम पाजी से लेकर बॉलीवुड के ही-मैन तक धर्मेंद्र का एक सफर, फिल्मों को लेकर जुनून ने गांव से पहुंचाया मुंबई

बॉलीवुड में 65 साल तक काम करने वाले धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने अभिनेत्री सुरैया की 1949 में बनी फिल्म दिल्लगी को देखकर फिल्मों में जाने का फैसला किया था। फिल्मों को लेकर धर्मेंद्र के जुनून ने उन्हें पंजाब के नसरली गांव से मायानगरी मुंबई तक पहुंचाया।

Rajkumar Singh
अपडेटेड24 Nov 2025, 04:14 PM IST
सुरैया और धर्मेंद्र
सुरैया और धर्मेंद्र(Social Media )

बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे, उन्होंने 89 साल की उम्र में मुंबई में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। धर्मेंद्र पंजाब के लुधियाना जिले के रहने वाले थे। बचपन में उन्होंने अभिनेत्री सुरैया की फिल्म दिल्लगी देखी थी, उसके बाद फिल्मों को लेकर उनका जुनून ऐसा चढ़ा कि लुधियाना जिले के छोटे से गांव नसरली में जन्में धर्मेंद्र ने मुंबई तक का सफर तय किया। धर्मेंद्र ने अपने 65 साल के फिल्मी करियर में 300 से ज्यादा फिल्में की हैं।

एक नजर में धर्मेंद्र का परिचय

अभिनेता धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के नसरली गांव में हुआ था। उनके पिता स्कूल हेडमास्टर थे और उनका बचपन इसी गांव और पास के साहनेवाल गांव में बीता। धर्मेंद्र का पूरा नाम धरम सिंह देओल है, उनके पिता केवल किशन सिंह देओल और मां सतवंत कौर थीं।

यह भी पढ़ें | कैसे हुई बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र की मौत? जानिए किस बीमारी से थे पीड़ित

साधारण था धर्मेंद्र के गांव का घर

अभिनेता धर्मेंद्र का नसरली गांव में बहुत साधारण घर हुआ करता था, उन्हें बचपन से गांव, खेत, हरियाली और प्रकृति से बहुत प्रेम था। वो अपने दोस्तों के साथ इसी गांव में खेलते थे। धर्मेंद्र के पिता केवल किशन सिंह एक सख्त हेडमास्टर के रूप में जाने जाते थे, इसके बावजूद धर्मेंद्र का मन पढ़ाई में नहीं लगता था।

धर्मेंद्र की जुबानी उनके पिता की कहानी

धर्मेंद्र ने मीडिया को दिए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने गांव, बचपन और पिता के बारे में बताया था। धर्मेंद्र ने बताया कि उनके पिता जी उनके पढ़ाई नहीं करने और दिनभर खेलते रहने को लेकर नाराज रहते थे और एक दिन गुस्से में उनसे कहा कि पढ़ाई नहीं करोगे तो तुम्हारा क्या होगा। तुम्हे अपने पिता की तरह हेडमास्टर बनना चाहिए, आवारागर्दी नहीं करनी चाहिए।

धर्मेंद्र ने पिताजी से कहा कुछ बड़ा करूंगा

पिताजी की डांट सुनने के बाद धर्मेंद्र ने उनसे कहा कि मेरा मन किताबों में नहीं लगता है, मुझे कुछ बड़ा करना है, दुनिया देखनी है। जिसके बाद धर्मेंद्र की मां ने उनके पिताजी से कहा कि बच्चे का मन है उसे कहां तक रोकेंगे। धर्मेंद्र ने किसी तरह इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की उसके बाद उनका मन हिन्दी सिनेमा की रंगीन दुनिया में खो गया।

यह भी पढ़ें | जब धर्मेंद्र को रिजेक्ट कर देते थे फिल्ममेकर्स, दिवंगत एक्टर ने सुनाया था किस्सा

40 बार देखी सुरैया की फिल्म दिल्लगी

धर्मेंद्र ने 12वीं पास करने के बाद उनका ध्यान पूरी तरह फिल्मों में रच-बस गया। उन्होंने 1949 में अभिनेत्री सुरैया की फिल्म दिल्लगी एक बार देखी उसके बाद उन्हें सुरैया इतनी अच्छी लगीं कि उन्होंने ये फिल्म 40 बार देख ली। वो अक्सर दोस्तों से कहते थे कि एक दिन मैं भी मुंबई जाऊंगा और बड़ा हीरो बनूंगा।

शादी के बाद मुंबई चले गए धर्मेंद्र

धर्मेंद की पहली पत्नी प्रकाश कौर से उनकी जल्दी ही शादी हो गई थी, उसके बाद वो दिल में हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई की तरफ चल पड़े। धर्मेंद्र ने बताया कि जब वो अपने गांव से मुंबई जा रहे थे उस वक्त उनकी जेब में सिर्फ 51 रुपये थे और आंखों में अनगिनत सपने थे।

मुंबई में शुरू हुआ संघर्ष का दौर

हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे धर्मेंद्र का जल्दी ही हकीकत से सामना हो गया। उन्होंने माया नगरी की गलियों, फुटपाथ और दफ्तरों के चक्कर काटने शुरू किए। धर्मेंद्र दिन भर स्टूडियो-दर स्टूडियो भटकते रहते और रात में भूखे पेट फुटपाथ पर सो जाते थे। इसी दौरान उन्हें मुंबई में एक टैलेंट हंट प्रतियोगिता का पता चला और इसी प्रतियोगिता से उनकी किस्मत बदलने वाली थी।

यह भी पढ़ें | ही-मैन संग फैमिली मैन भी थे धर्मेंद्र, मिलिए शोले एक्टर के 6 बच्चों से

टैलेंट हंट में मिला पहला ब्रेक

धर्मेंद की हिन्दी फिल्मों के लिए आयोजित की जाने वाली टैलेंट हंट प्रतियोगिता में कुछ फिल्म निर्माताओं से मुलाकात हुई और साल 1960 में उन्हें पहली बार फिल्मों में ब्रेक मिला। दिल भी तेरा हम भी तेरे नाम की फिल्म में धर्मेंद्र को पहली बार काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में ब्रेक देने वाले निर्देशक ने कहा था कि तुम्हारा लुक और तुम्हारी आंखों का भोलापन, ये सब काम करेगा। फिल्म का नाम है दिल भी तेरा हम भी तेरे और तुम इसके हीरो हो धरम सिंह।

तो इस तरह से पंजाब के एक छोटे से गांव के रहने वाले सीधे सादे लड़के को बॉलीवुड इंडस्ट्री में एंट्री मिली और इसके साथ ही इनका नाम धरम सिंह देओल की जगह धर्मेंद्र पड़ गया। फिर क्या था एक के बाद एक लगातार उन्हें फिल्में मिलती गईं और धर्मेंद्र देखते-देखते बॉलीवुड इंडस्ट्री के ही-मैन बन गए।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सपंजाब के धरम पाजी से लेकर बॉलीवुड के ही-मैन तक धर्मेंद्र का एक सफर, फिल्मों को लेकर जुनून ने गांव से पहुंचाया मुंबई
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सपंजाब के धरम पाजी से लेकर बॉलीवुड के ही-मैन तक धर्मेंद्र का एक सफर, फिल्मों को लेकर जुनून ने गांव से पहुंचाया मुंबई