हर रात गहरी नींद में अगर आप खर्राटे लेते हैं, तो यह आपके शरीर की सेहत को लेकर एक चेतावनी हो सकती है। आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अदिति शर्मा के अनुसार, खर्राटे लेना 20 और 30 की उम्र में भी दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकता है।
खर्राटे खतरनाक क्यों हैं?
17 नवंबर को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक पोस्ट में डॉ. अदिति ने एक स्वस्थ मरीज का मामला बताया। वह युवक सिर्फ 29 साल का था, जिम जाता था, फिट था और पूरी तरह से स्वस्थ दिखता था। लेकिन उसकी एकमात्र समस्या यह थी कि वह खर्राटे लेता था।
डॉ. अदिति ने लिखा कि सब लोग इसे लेकर मजाक करते थे और वह खुद भी इसे सामान्य समझता था। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि खर्राटे लेने का मतलब है कि रात में बार-बार सांस की नली का बंद होना।
उन्होंने बताया कि हर बार सांस की नली के बंद होने से अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
यह प्रक्रिया अगर हर रात होती रहे, तो धीरे-धीरे दिल को नुकसान पहुंचता है। इसी वजह से आजकल 20 और 30 की उम्र के लोग भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। इसका कारण सिर्फ तनाव या मोबाइल फोन नहीं है, बल्कि शरीर की सबसे बड़ी चेतावनी को नजरअंदाज करना है, यानी खर्राटे।
अगर आप खर्राटे लेते हैं तो क्या करें?
डॉ. अदिति ने सलाह दी कि अगर आप खर्राटे लेते हैं, तो कुछ सावधानियां जरूर अपनाएं। इससे भविष्य में आपका दिल स्वस्थ रहेगा। उन्होंने सुझाव दिए:
नेशनल हार्ट, लंग और ब्लड इंस्टीट्यूट के अनुसार, स्लीप एपनिया एक आम समस्या है, जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती और चलती रहती है। यह स्थिति खतरनाक हो सकती है क्योंकि इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसलिए अगर आपको खर्राटों की समस्या है, तो अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)