
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) से पढ़ाई पूरी करने वाले योग्य छात्रों के लिए पीएचडी में सीधे दाखिले का रास्ता खोल दिया है। अब कुछ छात्र मास्टर डिग्री किए बिना सीधे पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यह सुविधा FYUP के 2026 में ग्रेजुएट होने वाले पहले बैच के छात्रों को मिलेगी और फिलहाल इसे 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए विशेष व्यवस्था के तौर पर लागू किया गया है।
नए नियमों के तहत FYUP के चौथे साल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए सामान्य वर्ग के छात्रों का न्यूनतम CGPA 7.5 होना जरूरी है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए न्यूनतम CGPA 7 रखा गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने बताया कि इस बदलाव को अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के नियमों में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इस फैसले से चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई का एक नया रास्ता खुल गया है।
सीधे पीएचडी में आवेदन की सुविधा उन छात्रों के लिए है, जो FYUP के चारों साल पूरे करेंगे और तय CGPA की शर्त पूरी करेंगे। आमतौर पर छात्र पहले ग्रेजुएशन, फिर मास्टर डिग्री और उसके बाद पीएचडी करते हैं। लेकिन अब योग्य FYUP छात्र मास्टर डिग्री किए बिना सीधे पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
हालांकि, दिल्ली विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि फिलहाल यह सुविधा केवल 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए विशेष व्यवस्था के रूप में लागू होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने FYUP को 2022-23 शैक्षणिक सत्र से शुरू किया था। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 के अनुसार लागू किया गया था। इसके चौथे साल में छात्रों को रिसर्च, अकादमिक प्रोजेक्ट और उद्यमिता से जुड़े कामों का ज्यादा अनुभव देने पर जोर दिया गया।
DU के FYUP के पहले बैच में कुल 75,948 छात्रों ने दाखिला लिया था। इनमें से 40,005 छात्रों ने तीन साल की अंडरग्रेजुएट पढ़ाई पूरी करने के बाद 2025 में कोर्स छोड़ दिया। वहीं, 35,943 छात्रों ने चौथे साल की पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया।
चौथे साल में पढ़ाई जारी रखने वाले छात्रों में से 12,111 छात्रों ने 2026-27 सत्र के लिए DU के एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में आवेदन किया। यह चौथे साल में पढ़ाई करने वाले कुल छात्रों का 34.27 फीसदी है।
FYUP का पहला बैच 2022-23 में शुरू हुआ था। इसमें कुल 75,948 छात्रों ने दाखिला लिया। इनमें से 40,005 छात्रों ने तीन साल बाद पढ़ाई पूरी कर ली, जबकि 35,943 छात्र चौथे साल में गए। चौथे साल के छात्रों में से 12,111 ने एक साल के PG प्रोग्राम के लिए आवेदन किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने FYUP के चौथे साल को रिसर्च और उद्यमिता पर ज्यादा ध्यान देने वाला चरण बनाया है। इसका उद्देश्य भारतीय अंडरग्रेजुएट शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के करीब लाना भी है।
चौथे साल में अकादमिक प्रोजेक्ट के दौरान छात्रों को किसी वास्तविक समस्या की पहचान करके उसका समाधान तैयार करने पर काम करना होता है। इससे छात्रों को रिसर्च का व्यावहारिक अनुभव मिलता है और आगे की उच्च शिक्षा के लिए भी तैयारी होती है।
अब इस नई व्यवस्था के बाद FYUP पूरा करने वाले और जरूरी CGPA हासिल करने वाले छात्रों के पास आगे पढ़ाई के लिए एक और विकल्प होगा। वे मास्टर डिग्री किए बिना सीधे पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, अभी यह सुविधा केवल 2026-27 के एडमिशन सत्र तक सीमित है।
FYUP के पहले बैच के छात्रों के लिए यह बदलाव अंडरग्रेजुएट पढ़ाई से सीधे डॉक्टोरल रिसर्च तक पहुंचने का तेज रास्ता खोल सकता है। साथ ही, छात्रों को यह तय करने की ज्यादा आजादी मिलेगी कि वे पहले पोस्टग्रेजुएशन करें या सीधे पीएचडी की ओर बढ़ें।
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