Delhi NCR Earthquake: दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के कई इलाकों में आज सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटकों के कारण लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 दर्ज की गई, जबकि इसका केंद्र उत्तरी दिल्ली में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर गहराई में था।
क्यों आता है भूकंप?
भूकंप पृथ्वी की सतह पर अचानक आने वाले झटके होते हैं, जो मुख्य रूप से टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल और धरती के भीतर जमा ऊर्जा के अचानक मुक्त होने से पैदा होते हैं। पृथ्वी कई बड़ी प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो दबाव बनता है और चट्टानें टूट जाती हैं।
इस प्रक्रिया से ऊर्जा बाहर निकलती है और धरती हिलने लगती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं। कई बार ज्वालामुखी के अंदर लावा और गैस का दबाव भी भूकंप का कारण बनता है। इसके अलावा खनन, बांध निर्माण या भूमिगत विस्फोट जैसी मानव गतिविधियाँ भी छोटे भूकंप ला सकती हैं।
भूकंप से बचाव का तरीका
भूकंप से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि झटके लगते ही घबराएं नहीं और तुरंत सुरक्षित कदम उठाएं। अगर घर के अंदर हैं तो किसी मज़बूत मेज़ या टेबल के नीचे बैठकर सिर और गर्दन को ढकें और खिड़की या भारी सामान से दूर रहें। बाहर हों तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर खुले स्थान पर चले जाएं। वाहन में हैं तो उसे सुरक्षित जगह पर रोकें और पुल या ओवरपास के नीचे न रुकें। हमेशा एक आपातकालीन किट तैयार रखें जिसमें पानी, खाना, टॉर्च और प्राथमिक उपचार का सामान हो। सबसे अहम बात यह है कि परिवार के साथ पहले से योजना और अभ्यास करें ताकि असली स्थिति में घबराहट न हो और सभी सुरक्षित रह सकें।