
नई दिल्ली: दिल्ली में लाल किले में बम ब्लास्ट के बाद ईडी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े धन शोधन मामले में अल फलाह समूह के अध्यक्ष और अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक यह गिरफ्तारी हाल ही में हुई छापेमारी और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद की गई।
जवाद अहमद सिद्दीकी अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन होने के अलावा रियल स्टेट का बिजनेस भी करते हैं। इनका कारोबार दुबई तक फैला हुआ है। उन्होंने यूनिवर्सिटी को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनमें इंजीनियरिंग समेत कई कोर्सों को बंद करना शामिल है। सिद्दीकी ने दुबई में अपना घर भी बना लिया है और परिवार के साथ वहीं शिफ्ट हो गए हैं। हालांकि आज ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी, जिसे अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने हरियाणा के फरीदाबाद में शुरू किया था। इससे पहले यह संस्थान 1997 से कॉलेज के रूप में चल रहा था और बाद में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ एक्ट, 2014 के तहत इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला।
बता दें कि फरीदाबाद जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की करीब 78 एकड़ जमीन का विस्तृत सर्वे शुरू किया है। राजस्व विभाग की टीमें निर्माण संरचनाओं, खाली पड़े हिस्सों, पुराने भूमि सौदों और उनसे जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही हैं ताकि मंजूरशुदा उपयोग और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके।
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