National Herald Case: सोनिया-राहुल का पीछा नहीं छोड़ेगी ईडी, मनी लॉन्ड्रिंग केस में नए सिरे से दाखिल करेगी चार्जशीट

National Herald Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत नेशनल हेराल्ड केस के अन्य आरोपियों के खिलाफ नई चार्जशीट फाइल करेगी। दिल्ली की एक अदालत से चार्जशीट खारिज होने के बाद ईडी ने आदेश को चुनौती देने का मन बनाया है।

एडिटेड बाय Naveen Kumar Pandey( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
पब्लिश्ड16 Dec 2025, 08:59 PM IST
सोनिया गांधी और राहुल गांधी
सोनिया गांधी और राहुल गांधी

Gandhi Family Money Laundering Case: दिल्ली के कोर्ट ने भले ही नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। ईडी अब दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई ताजा एफआईआर का संज्ञान लेते हुए सोनिया-राहुल के साथ-साथ अन्य लोगों के खिलाफ नया आरोप पत्र दाखिल करेगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी को दिया झटका

इससे पहले दिन में, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अप्रैल में सोनिया-राहुल गांधी के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दाखिल ईडी की चार्जशीट का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि इस मामले में दाखिल आरोपपत्र एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर की गई जांच पर आधारित है, न कि किसी मूल अपराध से संबंधित प्राथमिकी पर। उन्होंने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इस पर संज्ञान लेना स्वीकार्य नहीं है।

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फैसले के खिलाफ अपील करेगी ईडी

अधिकारियों ने बताया कि ईडी, सॉलिसिटर जनरल (एसजी) या अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) से राय लेने के बाद विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के आदेश के खिलाफ अपील दायर कर सकती है। अधिकारियों ने कहा कि अदालत ने ईडी ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) को रद्द नहीं किया है, जो पीएमएलए में पुलिस की दर्ज प्राथमिकी के समकक्ष है। इसे 30 मई, 2021 को दायर किया गया था और इस पर पूरा मामला आधारित है। इसी ईसीआईआर के आधार पर ईडी ने आरोप पत्र दाखिल किया था।

ईडी की चार्जशीट में क्या है आरोप, जानिए पूरी बात

इसमें आरोप लगाया गया था कि गांधी परिवार ने व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया और सोनिया-राहुल गांधी के स्वामित्व वाली निजी कंपनी यंग इंडियन (YI) ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों का मात्र 50 लाख रुपये में अधिग्रहण कर लिया, जो कि इसके वास्तविक मूल्य का काफी कम आंकलन था।

एजेएल नेशनल हेराल्ड अखबार और वेब पोर्टल का प्रकाशक है और यह यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। अधिकारियों ने बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की 2021 की ईसीआईआर अब भी कायम है। अदालत ने केवल इतना कहा है कि आरोपपत्र का संज्ञान लेना अनुचित है। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने अपने मामले और जांच को मजबूत कानूनी आधार पर बनाए रखने के लिए पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा (ईओडब्ल्यू) की 3 अक्टूबर की प्राथमिकी को अपनी मौजूदा ईसीआईआर में मिला दिया है।

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ईडी के दस्तावेज पर पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी सबूत सितंबर में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के साथ साझा किए थे, जो 3 अक्टूबर को पुलिस की आपराधिक शिकायत दर्ज करने का आधार बने। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस के आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद ईडी अपने स्तर पर नया आरोप पत्र दाखिल करेगी। अधिकारियों ने बताया कि ईडी नया आरोप पत्र दाखिल करने से पहले आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है।

गांधी परिवार से कुर्की करेगी ईडी

जांच एजेंसी के मुताबिक, यंग इंडियन की बहुमत हिस्सेदारी गांधी परिवार के सदस्यों के अलावा कुछ अन्य लोगों के पास है जिनसे कुछ साल पहले घंटों पूछताछ की गई थी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एजेंसी ने पीएमएलए के तहत इस जांच के हिस्से के रूप में कुर्क की गई एजेएल की 751.91 करोड़ रुपये की संपत्ति का नियंत्रण लेने के लिए फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है। पीएमएलए के न्याय निर्णायक प्राधिकरण ने इस अंतरिम कुर्की आदेश को बरकरार रखा है और यह समझा जाता है कि ईओडब्ल्यू और ईडी की ओर से दो आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ईडी संपत्तियों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

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इतनी धाराओं में गांधी परिवार के खिलाफ एफआईआर

पुलिस ने तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 403 (संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाए हैं। एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज लिमिटेड जैसी संस्थाओं, डोटेक्स के प्रवर्तक सुनील भंडारी, एजेएल और अज्ञात अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

पुलिस ने भी शुरू कर दी है जांच

ईडी ने भी अपने आरोप पत्र में इन सभी को आरोपी बनाया जिसपर अदालत ने मंगलवार को संज्ञान में लेने से इनकार कर दिया। ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच शुरू कर दी है और ऐसी खबरें हैं कि उसने हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस के नेता और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नोटिस जारी किया है। ईडी ने इस मामले में कथित अपराध से प्राप्त धनराशि 988.03 करोड़ रुपये आंकी है। दिल्ली कोर्ट के मंगलवार के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने इसे जीत करार दिया और आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार की अवैधता और उसके राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियोजन का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है।

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