एकादशी हिंदू धर्म का एक बहुत महत्वपूर्ण व्रत है। यह हर चंद्र महीने की 11वीं तिथि (शुक्ल और कृष्ण पक्ष) को आती है। एकादशी का व्रत रखने से मन और आत्मा शुद्ध होती है और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। 2026 में कुल 24 एकादशी होंगी। इसके अलावा अधिक मास में 2 विशेष एकादशी भी पड़ेंगी। यह भक्तों के लिए व्रत और भक्ति का अच्छा अवसर है।
मार्च 2026
पापमोचनी एकादशी – 15 मार्च
अप्रैल 2026
वरुथिनी एकादशी – 13 अप्रैल
मोहिनी एकादशी – 27 अप्रैल
पद्मिनी एकादशी – 27 मई (विशेष, अधिक मास)
जून 2026
परम एकादशी – 11 जून (विशेष, अधिक मास)
देवशयनी एकादशी – 25 जुलाई
श्रावण पुत्रदा एकादशी – 23 अगस्त
परिवर्तिनी एकादशी – 22 सितंबर
अक्टूबर 2026
इंदिरा एकादशी – 6 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी – 22 अक्टूबर
देवउठनी एकादशी – 20 नवंबर
दिसंबर 2026
उत्पन्ना एकादशी – 4 दिसंबर
मोक्षदा एकादशी – 20 दिसंबर
पद्मिनी एकादशी: श्रद्धा से व्रत रखने पर विशेष पुण्य और भगवान की कृपा मिलती है।
परम एकादशी: जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
एकादशी व्रत का महत्व
एकादशी पर भक्त उपवास, पूजा और ध्यान करते हैं ताकि:
- मन, शरीर और आत्मा शुद्ध हो
- पाप और कर्मों का बोझ कम हो
- शांति, सुख और समृद्धि मिले
- आत्मसंयम बढ़े
- भगवान विष्णु के और निकट पहुंचा जा सके
इस दिन आमतौर पर अनाज नहीं खाया जाता। अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार, फल, पानी या निर्जला एकादशी पर बिना जल के व्रत भी रखा जाता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)