
Fake ENO: दिल्ली के इब्राहिमपुर इलाके में पुलिस ने एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है जहां ENO जैसे पॉपुलर एंटासिड की नकली पैकिंग की जा रही थी। ये वही ENO है जिसे लोग पेट की गैस और जलन के लिए मेडिकल स्टोर से खरीदते हैं, लेकिन अब सवाल ये है कि जो ENO आप ले रहे हैं, वो असली है या नकली?
इस छापेमारी में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया- संदीप जैन और जितेन्द्र उर्फ छोटू। दोनों इब्राहिमपुर के ही रहने वाले हैं और इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं। पुलिस ने मौके से 91,000 से ज्यादा नकली ENO पैकेट, 80 किलो कच्चा माल, 13 किलो ब्रांडेड रोल्स, 54,780 स्टिकर्स और 2,100 खाली पैकेट जब्त किए।
ENO की वेबसाइट के मुताबिक, असली ENO में स्वर्जिकसार (शुद्ध) और निम्बुकामल (शुष्क) होता है जो पेट की गैस और एसिड को तुरंत शांत करता है। केमिकल रूप से इसमें सोडियम बाइकार्बोनेट, साइट्रिक एसिड और सोडियम कार्बोनेट होता है।
नकली ENO में घटिया और हानिकारक केमिकल हो सकते हैं। ये जल्दी घुलता नहीं, स्वाद अलग हो सकता है और गलत डोज से पेट में जलन, एसिडिटी या एलर्जी तक हो सकती है। ऐसे प्रोडक्ट्स बिना मेडिकल टेस्टिंग के बनाए जाते हैं।
पैकेजिंग पर ध्यान दें: असली ENO की पैकिंग चमकदार और साफ प्रिंट वाली होती है।
लोगो और ब्रांडिंग: नकली पैक में कंपनी का नाम हल्का या धुंधला हो सकता है।
साइज में फर्क: नकली पैक थोड़ा छोटा हो सकता है।
MRP और बैच नंबर: अगर प्रिंट अधूरा या गायब है, तो सतर्क हो जाइए।
कीमत: असली ENO ₹10 में मिलता है, इससे सस्ता मिल रहा है तो सतर्क हो जाइए।
अब तक नकली ENO से कोई बड़ा साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसे नकली प्रोडक्ट्स से पेट की दिक्कतें, फूड पॉइजनिंग और एसिडिटी बढ़ सकती है। इसलिए खरीदते वक्त सतर्क रहें। अगर आप मेडिकल स्टोर से ENO खरीद रहे हैं, तो पैकिंग और प्राइस जरूर चेक करें। कोई भी दवा खरीदते वक्त उसकी मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स, कंपनी का नाम, और एक्सपायरी डेट देखना जरूरी है।
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