
सर्दियों का मौसम आ गया है। यह मौसम सुहावना होता है, लेकिन महिलाओं को इस समय अपने खाने-पीने का खास ध्यान रखना चाहिए। सर्दी में अक्सर भूख बढ़ जाती है, मेटाबॉलिज़्म और एनर्जी लेवल में बदलाव आता है। ऐसे में पौष्टिक और संतुलित डाइट लेना बहुत जरूरी है। ठंड के मौसम में पानी कम पीने, शारीरिक गतिविधि घटने, मीठा और तला हुआ खाने की इच्छा बढ़ने जैसी समस्याएं आम हैं।
इससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ सकता है। कई महिलाओं को इस समय थकान ज्यादा महसूस होती है, एनीमिया बढ़ सकता है, जोड़ों में दर्द, त्वचा में रूखापन और हार्मोन से जुड़ी तकलीफ़ें भी हो सकती हैं। खांसी, सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी तकलीफें भी इसी मौसम में ज्यादा होती हैं। सर्दियों में सोच-समझकर ली गई डाइट शरीर की ताकत, इम्यूनिटी और ऑवरऑल हेल्थ को बेहतर रखता है।
अगर सर्दियों में खान-पान पर ध्यान न दिया जाए, तो शरीर पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। कई महिलाएं पानी कम पीती हैं, इंस्टेंट स्नैक्स पर निर्भर रहती हैं या ताज़े फल-सब्ज़ियों से परहेज करती हैं, जिससे एनर्जी कम होती है, पाचन बिगड़ता है और विटामिन की कमी हो सकती है। इसलिए इस मौसम में अपनी डाइट का ध्यान रखें और इम्यूनिटी को मजबूत बनाएं।
सर्दियों में गर्म, पौष्टिक और शरीर के लिए फायदेमंद भोजन पर ध्यान देना जरूरी है। मौसमी सब्जियां जैसे पालक, गाजर, चुकंदर, मेथी खाएं। अनाज में बाजरा, ज्वार जैसी चीजें शामिल करें। प्रोटीन के लिए अंडे, दालें, पनीर, और मेवे लेना लाभदायक है।
टमाटर, स्वीट कॉर्न या ब्रोकली का गर्म सूप और हर्बल चाय पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। विटामिन C वाले फल जैसे संतरा, आंवला, और शिमला मिर्च प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। वहीं घी, अलसी के बीज और बादाम जैसे हेल्दी फैट ऊर्जा देते हैं। जंक, तली-भुनी और पैक्ड चीजों से बचें, क्योंकि ये वजन बढ़ाते हैं और सूजन व पाचन संबंधित समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
सर्दियों में गर्भवती महिलाओं को ऐसे भोजन की जरूरत होती है जिसमें आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम और पर्याप्त पानी शामिल हो। घर का बना गरम खाना जैसे दाल खिचड़ी, हरी पत्तेदार सब्जियां, ताज़े फल और दूध ऊर्जा और बच्चे के विकास के लिए अच्छे होते हैं।
सूप, राजमा, छोले, खजूर और पालक जैसे आयरन वाले खाद्य पदार्थ जरूर लें। अखरोट और अलसी के बीज में मौजूद ओमेगा-3 बच्चे के दिमाग के विकास में सहायक होता है। दिन में लगभग 12–15 गिलास पानी पिएं। बहुत मीठी और प्रोसेस्ड सर्दियों की चीजें कम खाएँ, क्योंकि ये एसिडिटी और अनचाहा वजन बढ़ा सकती हैं। आहार के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
50 साल के बाद हड्डियों को मजबूत रखना, पाचन ठीक रखना और इम्युनिटी बढ़ाना सबसे जरूरी होता है। इसके लिए कैल्शियम और विटामिन D वाले खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही, तिल, रागी और पालक फायदेमंद हैं।
अनाज, फल और सब्जियों जैसे फाइबर से भरपूर भोजन पाचन को सही रखता है। गर्म सूप, प्रोटीनयुक्त खाना, भिगोए हुए मेवे और पर्याप्त पानी जोड़ों के दर्द को कम करने और मेटाबॉलिज़्म को सक्रिय रखने में मदद करते हैं। जैतून का तेल यानी ऑलिव ऑयल दिल की सेहत के लिए भी अच्छा है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदारी नहीं है।)
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