Obesity and diabetes treatement: दुनियाभर में मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गए हैं। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में दावा किया गया है कि एक खास हर्बल ड्रिंक इन दोनों बीमारियों को कंट्रोल करने में प्रभावी हो सकता है। यह पेय पारंपरिक चीनी चिकित्सा के 'फूड-मेडिसिन हार्मनी' सिद्धांत पर आधारित है।
साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि FH03FS नामक यह फर्मेंटेड ड्रिंक कैसे इंसुलिन रेजिस्टेंसऔर शरीर में पुरानी सूजन को कम करता है। हालांकि, यह पूरी तरह से एक कम्प्यूटेशनल स्टडी है, जिसके लिए आगे एक्सपेरिमेंटल रिसर्च की जरूरत है।
मोटापा और डायबिटीज गंभीर स्वास्थ्य संकट
विश्व स्तर पर, मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज एक प्रमुख स्वास्थ्य संकट हैं। 8 में से 1 वयस्क मोटापे से जूझ रहा है और दुनिया में 50 करोड़ से ज्यादा लोग टाइप 2 डायबिटीज से प्रभावित हैं। ये दोनों बीमारियां मेटाबॉलिक इन्फ्लेमेशन से जुड़ी हैं।
इनमें इंसुलिन ठीक से काम नहीं कर पाता, शरीर में फैट जमा होता है और क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन बनी रहती है। पारंपरिक दवाओं के अलावा, लोगों को सस्ते और सुरक्षित, खान-पान पर आधारित समाधानों की जरूरत है। FH03FS को इसी जरूरत को पूरा करने के लिए बनाया गया है।
FH03FS: पांच हर्ब्स से बना खास पेय
FH03FS एक रेडी-टू-ड्रिंक पेय है, जिसे पांच औषधीय-खाद्य-सजातीय (MFH) पौधों के मिश्रण से बनाया गया है।
1. शोवी मिलेटिया की जड़: इसमें सूजन-रोधी (एंटी-इन्फ्लेमेटरी) गुण होते हैं।
2. कमल का पत्ता: यह वजन कंट्रोल करने में सहायक माना जाता है।
3. मॉन्क/अरहत फ्रूट: यह प्राकृतिक मिठास और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।
4. संतरे का छिलका: यह पाचन क्रिया में सुधार करता है।
5. दालचीनी की छाल: यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है।
फर्मेंटेशन प्रोसेस से बढ़ते हैं बायोएक्टिव कंपाउंड
इस पेय को बनाने के लिए पौधों को पहले गर्मी से उपचारित (Heat-treated) किया जाता है। फिर Lacticaseibacillus paracasei और Lactiplantibacillus plantarum जैसे बैक्टीरिया का उपयोग करके इसका किण्वन (Fermentation) किया जाता है। यह फर्मेंटेशन प्रोसेस ड्रिंक में बायोएक्टिव यौगिकों की मात्रा को बढ़ा देती है। इसके बाद, हाई-प्रेशर स्टीम और पाश्चराइजेशन से इसे स्टरलाइज किया जाता है, जिससे इसकी शेल्फ-लाइफ भी बढ़ जाती है।
एपोर्फिन और फ्लेवोनोइड्स हैं मुख्य घटक
UPLC-MS/MS नामक उन्नत तकनीक का उपयोग करके इस पेय में 3,387 अणुओं की पहचान की गई। इनमें से 10 मुख्य बायोएक्टिव यौगिकों को चुना गया, जो शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित (Absorption) हो जाते हैं और जिनमें कम विषाक्तता (Low Toxicity) होती है।
इनमें दो मुख्य प्रकार के अणु हैं। इनमें पहला है- एपोर्फिन अल्कलॉइड्स (Aporphines): जैसे न्यूसीफेरिन (Nuciferine) और एसिमिलोबिन (Asimilobine)। ये फैट मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन सिग्नलिंग को बेहतर बनाने का काम करते हैं। दूसरा है- फ्लेवोनोइड्स (Flavonoids): ये एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुणों से भरपूर होते हैं।
मेटाबॉलिक सूजन पर बहु-लक्ष्य प्रभाव
अध्ययन के अनुसार, FH03FS में मौजूद ये अणु शरीर में कई प्रमुख मार्गों पर एक साथ काम करते हैं। यह बहुआयामी चिकित्सा का एक अच्छा उदाहरण है।
PPARG: एसिमिलोबिन और फ्लेवोनोइड्स फैट मेटाबॉलिज्म और सूजन कंट्रोल करने वाले इस प्रोटीन से मजबूती से जुड़ते हैं।
PI3K/AKT पाथवे: यह पाथवे इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है और ग्लूकोज को सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है। पेय के यौगिक इस पर सकारात्मक असर डालते हैं।
JNK और TNF-α: यह ड्रिंक इन प्रोटीनों को कम करता है, जो मोटापे से होने वाले इंसुलिन प्रतिरोध और सूजन को बढ़ाते हैं।
रिसर्चर्स का दावा
इस अध्ययन के बारे में रिसर्चर्स ने कहा, 'यह अध्ययन दिखाता है कि FH03FS, जो एपोर्फिन और फ्लेवोनोइड्स से भरपूर है, मोटापा और T2D के खिलाफ बहुआयामी प्रभाव डालता है।' उनका मानना है कि यह पेय डाइट, एक्सरसाइज और पारंपरिक दवाओं के सप्लीमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
आगे की जरूरत
इस कम्प्यूटेशनल रिसर्च ने FH03FS को एक फंक्शनल बेवरेज के रूप में विकसित करने का आधार प्रदान किया है। यह प्राकृतिक और सस्ता समाधान विकासशील क्षेत्रों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि इसकी डोजिंग, सिक्यॉरिटी और मेडिसिन इंटरैक्शन की पुष्टि के लिए मानव परीक्षणों और सेल मॉडल पर आगे रिसर्च करना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय प्रमाणित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर ही लें। आपके किसी भी कार्य या निर्णय के लिए मिंट हिंदी तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।