मानसून के दौरान इन्फ्लूएंजा (फ्लू) जैसी मौसमी बीमारियां तेजी से फैलने लगती हैं। कई लोग फ्लू को सामान्य वायरल संक्रमण समझते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है।
मुंबई के नारायणा हेल्थ एसआरसीसी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. अमोल जयभाये ने इंडिया टीवी को बताया कि फ्लू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है कि फ्लू सीजन शुरू होने से पहले वैक्सीन लगवा ली जाए।
सही समय पर वैक्सीन लगवाना क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले फ्लू का टीका लगवा लेना चाहिए। ऐसा करने से शरीर को वायरस के खिलाफ सुरक्षा देने वाली एंटीबॉडी बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
यदि वैक्सीन लगाने में देरी होती है, तो व्यक्ति फ्लू के चरम मौसम में संक्रमण की चपेट में आ सकता है। मानसून का मौसम वायरस के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है।
फ्लू के सामान्य लक्षण
मानसून के दौरान डॉक्टरों के पास अक्सर ऐसे मरीज आते हैं जिनमें ये लक्षण दिखाई देते हैं:
- बुखार
- खांसी
- गले में खराश
- शरीर में दर्द
- थकान
- कमजोरी
हालांकि अधिकांश लोग बिना किसी गंभीर समस्या के ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और उन्हें चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत पड़ सकती है।
हर साल फ्लू का टीका क्यों जरूरी है?
इन्फ्लूएंजा वायरस लगातार अपना स्वरूप बदलता रहता है। हर साल इसके नए स्ट्रेन सामने आते हैं। यही कारण है कि फ्लू की वैक्सीन हर वर्ष लगवाने की सलाह दी जाती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र दुनिया भर में फैल रहे फ्लू वायरस के स्ट्रेनों पर नजर रखते हैं और उसी के आधार पर नए टीके तैयार किए जाते हैं। इसलिए हर साल उपलब्ध फ्लू वैक्सीन उस मौसम में फैलने वाले संभावित वायरस स्ट्रेनों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अपडेट की जाती है।
कौन-कौन सी फ्लू वैक्सीन उपलब्ध हैं?
आमतौर पर दो प्रकार की फ्लू वैक्सीन उपलब्ध होती हैं:
- ट्राइवेलेंट इन्फ्लूएंजा वैक्सीन – यह तीन प्रकार के फ्लू वायरस स्ट्रेनों से सुरक्षा देती है। इसे भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी (IAP) द्वारा भी अनुशंसित किया जाता है।
- क्वाड्रिवेलेंट इन्फ्लूएंजा वैक्सीन – यह चार प्रकार के वायरस स्ट्रेनों से सुरक्षा देती है और अपेक्षाकृत व्यापक सुरक्षा प्रदान करती है।
कौन-सी वैक्सीन आपके लिए बेहतर रहेगी, इसका निर्णय डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।
वैक्सीन लगवाने में देरी न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन के विकल्पों को लेकर ज्यादा समय तक सोचते रहने के बजाय समय पर टीका लगवाना अधिक महत्वपूर्ण है। फ्लू का प्रकोप बढ़ने से पहले वैक्सीन लगवाने से शरीर को पर्याप्त प्रतिरक्षा विकसित करने का समय मिल जाता है।
फ्लू से होने वाली बीमारियों और उनकी जटिलताओं को रोकने में टीकाकरण सबसे प्रभावी उपायों में से एक माना जाता है।
फ्लू से बचाव के अन्य उपाय
वैक्सीन के अलावा संक्रमण से बचने के लिए ये सावधानियां भी अपनानी चाहिए:
- नियमित रूप से हाथ धोएं।
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- भरपूर नींद लें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में फ्लू के मामलों में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में समय रहते फ्लू का टीका लगवाना और अच्छी स्वच्छता की आदतें अपनाना आपको और आपके परिवार को मानसून के दौरान सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)