अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत के बाद मुसलमानों के शिया सम्प्रदाय में मातम पसर गया है। ईरान में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारे लगा रहे हैं और खामेनेई की मौत पर आंसू बहा रहे हैं।
रमजान के महीने में मुसलमानों के निकले आंसू
रमजान का महीना है, ऐसे में मुसलमान रोजे रख रहे हैं। इस बीच भारत में भी कई जगहों पर शिया मुसलमानों ने जुलूस निकालकर अमेरिका-इजरायल के विरोध में नारे लगाए। जम्मू-कश्मीर से लखनऊ तक, शिया मुसलमानों में रंजोगम का माहौल देखा जा रहा है। अपने कौम के इतने बड़े नेता के मारे जाने की घटना से इतनी दुखी हैं कि दहाड़ें मार-मारकर रो रहे हैं। जगह-जगह पर खामेनेई के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया है। वहीं, भारत में ईरान के दूतावास ने इस दुख में अपना झंडा आधा झुका दिया है।
जम्मू में शिया समुदाय का मातम
मुस्लिम बहुल प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों को रविवार सुबह-सुबह की बुरी खबर मिल गई। ईरान के सुप्रीम लीडर के मारे जाने से शिया मुसलमानों में काफी गम और गुस्सा है। मुसलमानों ने कश्मीर के लाल चौक पर प्रदर्शन किया और जगह-जगह पर शोक सभाएं आयोजित कीं।
शिया धर्मगुरु बोले- हम नहीं भूलेंगे
जम्मू-कश्मीर के रामबन में शिया समुदाय के लोगों ने शोक सभा आयोजित की। वहां समुदाय के लीडर सैयद समर काजमी ने रोते-रोते हुए कहा कि वह अमेरिका और इजरायल के इस हमले को कभी नहीं भूलेंगे।
रामबण में शिया समुदाय का विरोध-प्रदर्शन
शिया समुदाय के लोगों ने जम्मू-कश्मीर के रामबण ने अमेरिका और इजरायल का पुतला बनाकर उसे लात-जूतों से मारकर अपने गुस्से का इजहार किया।
लखनऊ में सड़कों पर उतरे शिया मुसलमान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी शिया मुसलमानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर को अमेरिका ने धोखे से मारा।
शिया धर्म गुरु ने पूछा- कहां तक जाएगा यह युद्ध
लखनऊ में शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि अमेरिका और इजरायल का ईरान पर यह हमला एक टेररिस्ट अटैक के रूप में देखा जा रहा है।
रविववार तड़के मारे गए अयातुल्लाह अलि खामेनेई
ध्यान रहे कि अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। खामेनेई ने 1989 से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व किया। खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया।
उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजराइल और अमेरिका के साथ टकराव रहा तथा उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इस बात की पुष्टि की कि इजराइल और अमेरिका के हमले में खामनेई मारे गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही कहा था कि खामेनेई को संयुक्त अभियान में मार गिराया गया है।