
Slow WiFi reasons: आज इंसान टेक्नोलॉजी पर काफी हद तक निर्भर है, चाहे वो मोबाइल फोन हो या इंटरनेट। और जब बात इंटरनेट की आती है तो अब मोबाइल डेटा से ज्यादा लोग Wi-Fi इस्तेमाल करना सस्ता और बेहतर समझते हैं। ऑफिस का काम हो, नेटफ्लिक्स पर मूवी देखनी हो या दोस्तों से वीडियो कॉल करनी हो, सब कुछ Wi-Fi के चलते स्मूद हो जाता है।
लेकिन कई बार Wi-Fi बड़ी धीमी चाल पकड़ लेता है और गुस्सा भी खूब दिलाता है। असल में Wi-Fi स्लो होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। गैजेट्स नाउ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें चैनल इंटरफेरेंस से लेकर राउटर की पोजिशन, माइक्रोवेव और यहां तक कि फेयरी लाइट्स तक शामिल हैं। आइए जानते हैं वो 10 बड़े कारण जिनकी वजह से आपका Wi-Fi स्पीड पकड़ने के बजाय सुस्त पड़ जाता है और उनसे निपटने के आसान उपाय।
हर घर में अपना Wi-Fi राउटर होने की वजह से चैनल ओवरलैपिंग हो जाती है। खासकर अपार्टमेंट्स और हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में ये बड़ी समस्या है। 2.4 GHz नेटवर्क में सिर्फ 14 चैनल होते हैं, और अगर आपका और पड़ोसी का राउटर एक ही चैनल पर चल रहा है, तो सिग्नल आपस में भिड़ जाएंगे। इसकी वजह से इंटरनेट की स्पीड आधी हो जाती है। इसका हल है राउटर की सेटिंग्स में जाकर सही चैनल चुनना। कई मॉडर्न राउटर ये काम खुद ही कर लेते हैं, लेकिन कभी-कभी मैनुअली चेक करना बेहतर रहता है।
कई बार हम राउटर के लिए ढंग का लोकेशन नहीं चुनते हैं। Wi-Fi रेडियो वेव्स पर चलता है और अगर राउटर नीचे या किसी चीज से ढका हुआ है तो सिग्नल कमजोर हो जाएगा। इसे जमीन पर, अलमारी के पीछे या किसी कोने में ना रखें बल्कि राउटर को हमेशा ऊंचाई वाले स्थान पर और खुली जगह पर रखें, ताकि सिग्नल 360 डिग्री में आसानी से फैल सकें।
अक्सर आपने देखा होगा, जितना आप राउटर से दूर जाते हैं, उतना ही Wi-Fi कमजोर हो जाता है। अगर घर बड़ा है या दो मंजिला है तो आप Wi-Fi एक्सटेंडर या रिपीटर लगा सकते हैं, जो राउटर से सिग्नल पकड़कर आगे बढ़ाते हैं। अगर घर बहुत बड़ा है, तो राउटर को सेंटर में रखना सबसे अच्छा तरीका है।
कंक्रीट और मेटल की मोटी दीवारें Wi-Fi सिग्नल को लगभग रोक देती हैं। इसी वजह से बेसमेंट या बाथरूम में नेट ना के बराबर चलता है। कोशिश करें कि राउटर किसी ऐसी जगह हो जहां उसके सामने मोटी दीवारें न हों।
ये थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन माइक्रोवेव ओवन और ब्लूटूथ डिवाइस भी Wi-Fi स्लो कर सकते हैं। वजह ये है कि ये भी 2.4 GHz फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं। जब आप माइक्रोवेव चलाते हैं, तो कभी-कभी उसका सिग्नल Wi-Fi से टकरा जाता है और स्पीड गिर जाती है। यही हाल पुराने ब्लूटूथ डिवाइस के साथ होता है।
चमचमाती लाइट्स से घर भले ही खूबसूरत लगे, लेकिन ये Wi-Fi स्लो करने में बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। इन लाइट्स से निकलने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड Wi-Fi सिग्नल को डिस्टर्ब करता है। फ्लैशिंग एलईडी लाइट्स में ये समस्या ज्यादा होती है। इसलिए कोशिश करें कि राउटर इन लाइट्स से दूर हो।
अगर घर में कोई गेम खेल रहा है, कोई Netflix पर HD मूवी देख रहा है और कोई बड़ा डाउनलोड कर रहा है, तो इंटरनेट स्लो होना लाजमी है। एक साथ ज्यादा डेटा खींचने से इंटरनेट स्पीड घट जाती है। इसका हल है Quality of Service (QoS) सेटिंग ऑन करना, जिससे आप अपने काम को ज्यादा प्राथमिकता दे सकते हैं।
कभी-कभी लोग आपके Wi-Fi का पासवर्ड जानकर चुपके से कनेक्ट हो जाते हैं। इससे नेटवर्क पर लोड बढ़ता है और आपके डिवाइस पर इंटरनेट स्पीड कम हो जाती है। हमेशा स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें और राउटर की डिवाइस लिस्ट समय-समय पर चेक करें।
पानी रेडियो वेव्स को स्लो कर देता है। इंसान के शरीर में 60% पानी होता है, इसलिए जिस कमरे में ज्यादा लोग हों वहां राउटर रखने से बचें। इससे सिग्नल कमजोर होने के चान्सेस होते हैं। हालांकि इसका असर बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन फर्क जरूर दिखता है।
तकनीक हर दिन बदल रही है। अगर आपका राउटर पुराना है या आपने उसे अपडेट नहीं किया है, तो वो नई स्पीड और डिवाइस को सपोर्ट नहीं कर पाएगा। ऐसे में राउटर को अपग्रेड कर लें।
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