
Ganesh ji Aarti in Hindi: आज देश ही नहीं, विदेशों में भी दिवाली का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शाम होते ही घरों में दीप जलाए गए, रंगोली सजाई गई और मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जा रही है। परंपरा के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति बप्पा के स्मरण से होती है, इसलिए लक्ष्मी पूजन से पहले गणेश जी की पूजा और आरती का विशेष महत्व है।अगर आप दिवाली की पूजा के बाद गणेश जी की आरती करना चाहते हैं और आपको आरती याद नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
मस्तक सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
यह गणेश जी का बीज मंत्र है। इसे जपने से विघ्नों का नाश होता है और कार्यों में सफलता मिलती है।
यह मंत्र हर कार्य की शुरुआत से पहले बोला जाता है ताकि कोई बाधा न आए।
यह गणेश गायत्री मंत्र है, जो बुद्धि, विवेक और सफलता के लिए जपा जाता है।
यह सरल और प्रभावशाली मंत्र है, जिसे रोजाना जपने से मन को शांति और स्थिरता मिलती है।
यह ऋग्वेद से लिया गया मंत्र है, जो गणेश जी को ब्रह्मा के रूप में पूजता है।