दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और बदमाशों के बीच मंगलवार को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में मोस्ट वांटेड अपराधी रोमिल वोहरा मारा गया, जबकि दो पुलिसकर्मी भी फायरिंग में घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, रोमिल वोहरा यमुनानगर का रहने वाला था और काला राणा-नोनी राणा गैंग का शूटर था। वह कई संगीन मामलों में शामिल था, जिनमें हत्या, फिरौती और आर्म्स एक्ट के तहत केस शामिल हैं।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
पुलिस को हरियाणा पुलिस से 23-24 जून की रात जानकारी मिली थी कि रोमिल बॉर्डर के आसपास मूवमेंट में है। इसी इनपुट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देरामंडी इलाके में चेकिंग ऑपरेशन शुरू किया।
एक मुखबिर ने मौके पर रोमिल को पहचान लिया। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, रोमिल ने भागने की कोशिश में फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें रोमिल घायल हो गया। एनकाउंटर में स्पेशल सेल के सब-इंस्पेक्टर प्रवीण और रोहन भी घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने कहा कि मामले में जरूरी धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है।
रोमिल का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा
रोमिल का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है। हाल ही में 14 जून को उसने कुरुक्षेत्र के एक बड़े शराब कारोबारी शांतनु की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शांतनु हरियाणा के 12 जिलों में शराब का कारोबार करता था। इसके अलावा रोमिल पिछले साल यमुनानगर में चार लोगों की हत्या के मामले में भी आरोपी था।