
कॉफी दुनिया में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय है। यह सुबह आंखें खोलने में मदद करता है और ऊर्जा भी देता है। आंकड़ों के अनुसार 60 प्रतिशत से अधिक लोग रोज कॉफी पीते हैं, इसलिए इसे सही तरीके से पीना जरूरी है, ताकि हमें इसका पूरा फायदा मिले।
कॉफी के कई फायदे हैं, लेकिन ज़्यादा या गलत तरीके से पीने पर यह पाचन में दिक्कत और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है। इसी वजह से हार्वर्ड–स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित कैलिफ़ोर्निया के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने कॉफी को पेट के लिए फायदेमंद बनाने का 5 स्टेप वाला तरीका बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे अपना “एंटी–इन्फ्लेमेटरी और गट-फ्रेंडली कॉफी हैक” कहा।
इस तरीके का पहला कदम है कि अपना कप ताज़ा बनी हुई ब्लैक कॉफी से भरें। एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्लैक कॉफी एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती है। इसमें क्लोरोजेनिक एसिड और फेरुलिक एसिड जैसे यौगिक होते हैं, जो सूजन कम करने और एलर्जी से बचाने में मदद करते हैं।
दूसरा कदम है कि कॉफी में थोड़ा प्लांट-बेस्ड दूध मिलाएं, जैसे बादाम या सोया दूध। अगर आपको दूध से कोई दिक्कत नहीं है तो सामान्य डेयरी दूध भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद तीसरा और बहुत महत्वपूर्ण कदम है कॉफी में चुटकी भर दालचीनी डालें। दालचीनी ब्लड शुगर को संतुलित रखती है, सूजन घटाती है और स्वाद बढ़ाकर चीनी की जरूरत कम कर देती है। इससे वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है और दिल के लिए भी फायदेमंद है।
चौथे चरण में कॉफी में एक चम्मच कोको पाउडर मिलाएं। कोको में भरपूर पॉलीफेनॉल होते हैं, जो अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और दिमाग की सेहत में मदद करते हैं। बिना चीनी वाला कोको दिल और दिमाग के लिए अच्छा है, मूड बेहतर करता है और एक संतुलित ऊर्जा देता है, जिससे कॉफी का स्वाद भी मोचा जैसा लगने लगता है।
आखिरी चरण में कॉफी में एक चम्मच MCT ऑयल मिलाएं। यह मध्यम श्रृंखला वाले ट्राइग्लिसराइड्स नामक फैट से बनता है, जो फोकस बढ़ाने और शरीर को साफ-सुथरी ऊर्जा देने में मदद करता है। यह पेट भरा हुआ महसूस करवाता है और अच्छे माइक्रोब्स की संख्या बढ़ाने में सहायक हो सकता है। शुरुआत में सिर्फ एक चम्मच से शुरू करें और धीरे-धीरे एक या दो टेबलस्पून तक बढ़ाएं। इस तरह तैयार की गई कॉफी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट और शरीर के लिए अधिक फायदेमंद मानी जाती है।
संतुलित मात्रा में कॉफी पीने से ये फायदे मिल सकते हैं:
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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