
गुप्त नवरात्रि नौ दिनों तक मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है, जो मां शक्ति और उनकी दस महाविद्याओं की पूजा को समर्पित होता है। यह समय खास तौर पर साधना, ध्यान और भक्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि में बड़े स्तर पर उत्सव या सार्वजनिक आयोजन नहीं होते। इस दौरान अधिकतर श्रद्धालु शांत वातावरण में पूजा, जप और ध्यान करते हैं। इसलिए इसे आत्मचिंतन, आध्यात्मिक विकास और भीतर से खुद को मजबूत बनाने का विशेष अवसर माना जाता है।
इस साल गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से 23 जुलाई तक मनाई जा रही है। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु जय मदान ने दस महाविद्याओं के महत्व के बारे में बताया है। उन्होंने यह भी समझाया कि इन देवियों की कृपा से जीवन में बदलाव, सुरक्षा, अनुशासन, सफलता और आत्मविकास कैसे पाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने मां काली, मां बगलामुखी और मां मातंगी से जुड़े तीन आसान उपाय भी बताए हैं।
मां काली: मां काली परिवर्तन और नई शुरुआत की देवी मानी जाती हैं। उनकी पूजा करने से व्यक्ति पुराने दुख और नकारात्मकता को छोड़कर नई शुरुआत करने का साहस प्राप्त करता है। माना जाता है कि वे जीवन की बाधाओं को दूर करने में भी मदद करती हैं।
मां तारा: मां तारा को सही मार्ग दिखाने वाली देवी माना जाता है। कहा जाता है कि जब जीवन में भ्रम या कठिन परिस्थितियां आती हैं, तब उनकी कृपा से सही दिशा और स्पष्ट सोच मिलती है।
मां षोडशी (त्रिपुर सुंदरी): मां षोडशी, जिन्हें त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है, इच्छाओं की पूर्ति और सफलता का प्रतीक हैं। वे सुंदरता, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती हैं।
मां भुवनेश्वरी: मां भुवनेश्वरी को समृद्धि, विस्तार और अनंत संभावनाओं की देवी माना जाता है। उनकी कृपा से जीवन में उन्नति, खुशहाली और बड़ा नजरिया विकसित होने की मान्यता है।
मां छिन्नमस्ता: मां छिन्नमस्ता आत्मजागरूकता और अंदरूनी बदलाव का प्रतीक हैं। माना जाता है कि उनकी पूजा से व्यक्ति अपने डर का सामना कर पाता है और मानसिक रूप से मजबूत बनता है।
मां भैरवी: मां भैरवी अनुशासन, दृढ़ संकल्प और शक्ति की देवी हैं। उनकी आराधना से लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने और कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
मां धूमावती: मां धूमावती जीवन की कठिनाइयों और असफलताओं से सीख लेने का संदेश देती हैं। माना जाता है कि उनकी कृपा से व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और समझ विकसित करता है।
मां बगलामुखी: मां बगलामुखी को रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। उनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
मां मातंगी: मां मातंगी ज्ञान, अच्छी वाणी और आत्मविकास की देवी हैं। माना जाता है कि उनकी कृपा से व्यक्ति अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचान पाता है और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखता है।
मां कमला: दसवीं महाविद्या मां कमला समृद्धि, सुख और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक हैं। उनकी पूजा से धन, सफलता और जीवन में सकारात्मक प्रगति मिलने की मान्यता है।
1. मां काली को नारियल अर्पित करें: जय मदान के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान मां काली को नारियल चढ़ाने से मन की उलझनें दूर होती हैं, नकारात्मक विचार कम होते हैं और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
2. मां बगलामुखी को हल्दी अर्पित करें: मां बगलामुखी को हल्दी बेहद प्रिय मानी जाती है। जय मदान के अनुसार, उन्हें हल्दी अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और बुरी नजर या विरोधियों से सुरक्षा मिलने की मान्यता है।
3. घर की पूर्व दिशा में मां मातंगी की तस्वीर रखें: मां मातंगी की तस्वीर में अक्सर उनके हाथ में तोता दिखाया जाता है। जय मदान के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान उनकी तस्वीर घर की पूर्व दिशा में लगाने से व्यक्ति की छिपी हुई प्रतिभा निखरती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और आध्यात्मिक व व्यक्तिगत विकास में मदद मिलती है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)
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