Happy Basant Panchami 2026 Wishes: खास अंदाज में देनी है बसंत पंचमी की शुभकामनाएं तो काम आएंगे ये कोट्स और मैसेज

बसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस दिन विद्या, कला और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा होती है। पीले वस्त्र, पारंपरिक मिठाइयां और सरस्वती पूजा के साथ यह पर्व ज्ञान और रचनात्मकता का उत्सव है।

Manali Rastogi
अपडेटेड23 Jan 2026, 09:21 AM IST
Happy Basant Panchami Wishes : खास अंदाज में देनी है बसंत पंचमी की शुभकामनाएं तो काम आएंगे ये कोट्स और मैसेज
Happy Basant Panchami Wishes : खास अंदाज में देनी है बसंत पंचमी की शुभकामनाएं तो काम आएंगे ये कोट्स और मैसेज

बसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस दिन विद्या, कला और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा होती है। पीले वस्त्र, मिठाइयां और सरस्वती पूजा इसका मुख्य आकर्षण हैं।

बसंत पंचमी, जिसे वसंत पंचमी या श्री पंचमी भी कहा जाता है, भारत के सबसे रंग-बिरंगे और शुभ त्योहारों में से एक है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है और हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आता है। इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी।

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इस दिन मुख्य रूप से मां सरस्वती, जो विद्या, संगीत, कला और बुद्धि की देवी हैं, की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी ज्ञान, बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता के लिए आशीर्वाद लेने का दिन माना जाता है।

छात्र, कलाकार और संगीतकार अपने-अपने क्षेत्र में सफलता के लिए मां सरस्वती की आराधना करते हैं। इस अवसर पर स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों में विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छात्र पढ़ाई में सफलता के लिए देवी से आशीर्वाद मांगते हैं।

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बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और केसरी हलवा, बूंदी के लड्डू जैसी मिठाइयां बनाई जाती हैं। उत्तर भारत में इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है, जबकि बंगाल, ओडिशा और असम में सरस्वती पूजा बड़े श्रद्धा भाव से मनाई जाती है। इस शुभ दिन पर लोग अपने दोस्तों और परिवारजनों को शुभकामनाएं, संदेश, मंत्र, स्तोत्र और वंदना फेसबुक व अन्य माध्यमों से साझा करते हैं।

बसंत पंचमी पर अपनों को खास विश (Vasant Panchami 2026 Quotes)

1. बसंत की आई है बहार,

खुशियों से भर जाए संसार।

मां सरस्वती दें ज्ञान अपार,

जीवन हो उज्ज्वल हर बार।

2. पीले रंग की छाई है शान,

ज्ञान का बढ़े हर दिन मान।

मां सरस्वती का मिले वरदान,

सफल हो जीवन, बने पहचान।

3. बसंत पंचमी का शुभ दिन आया,

हर मन में उल्लास समाया।

मां सरस्वती करें कृपा अपार,

ज्ञान से भर दे जीवन सार।

4. वीणा की मधुर तान बजे,

अज्ञान का अंधेरा सजे।

मां सरस्वती का आशीर्वाद मिले,

हर सपना साकार हो जाए।

5. बसंत लाया नई उमंग,

जीवन में भरे खुशियों के रंग।

मां सरस्वती करें मार्गदर्शन,

सफलता बने हर कदम संग।

6. ज्ञान की ज्योति जलती रहे,

हर मुश्किल सरल बनती रहे।

मां सरस्वती का साथ मिले,

जीवन में तरक्की होती रहे।

7. पीले फूलों की महक छाई,

बसंत पंचमी खुशियां लाई।

मां सरस्वती दें बुद्धि बल,

हर प्रयास हो सफल आज ही।

8. बसंत पंचमी का पर्व महान,

देता है ज्ञान का वरदान।

मां सरस्वती की हो कृपा,

जीवन बने सुखी और आसान।

9. नई शुरुआत का दिन है आज,

ज्ञान से सजे हर काम-काज।

मां सरस्वती का आशीष मिले,

सपनों को मिले नई उड़ान।

10. बसंत की बयार संग लाए,

सफलता हर द्वार पर आए।

मां सरस्वती का आशीर्वाद,

जीवन में खुशहाली छाए।

11. ज्ञान, कला और संगीत का दिन,

हर विद्यार्थी करे नमन।

मां सरस्वती की कृपा से,

सफल हो जीवन हर क्षण।

12. बसंत पंचमी की शुभ बेला,

खुशियों से भरे हर मेला।

मां सरस्वती करें उपकार,

ज्ञान से रोशन हो संसार।

13. पीले वस्त्र, पीली मिठास,

बसंत पंचमी का है एहसास।

मां सरस्वती दें आशीष,

जीवन में हो विकास।

14. बसंत आया मुस्कान लाया,

हर दिल में उत्साह जगाया।

मां सरस्वती की कृपा से,

हर लक्ष्य पास आया।

15. ज्ञान की देवी करें सहाय,

हर मुश्किल हो जाए विदा।

बसंत पंचमी की शुभकामनाएं,

सफलता रहे सदा।

16. बसंत पंचमी का पावन दिन,

ज्ञान बढ़े हर एक क्षण।

मां सरस्वती का साथ मिले,

जीवन बने सुंदर और धन्य।

17. नई सोच, नया उजाला,

बसंत ने सबको संभाला।

मां सरस्वती दें ज्ञान अपार,

जीवन हो खुशहाल निराला।

18. बसंत पंचमी का पर्व लाया,

हर चेहरे पर मुस्कान छाया।

मां सरस्वती का वरदान मिले,

हर सपना सच बन पाया।

19. ज्ञान की राह पर चलें हम,

मां सरस्वती रखें हर दम।

बसंत पंचमी की बधाई,

सफलता चूमे हर कदम।

20. बसंत पंचमी का शुभ संदेश,

ज्ञान से सजे हर परिवेश।

मां सरस्वती का आशीर्वाद,

जीवन में हो खुशियों का प्रवेश।

21. पीले रंग में रंगा हर सपना आज,

सरस्वती मां दें विद्या का प्रकाश।

ज्ञान, कला और बुद्धि का हो विकास,

बसंत पंचमी लाए जीवन में उल्लास।

22. वीणा की मधुर धुन गूंजे हर द्वार,

मां सरस्वती करें जीवन साकार।

अज्ञान का अंधेरा दूर हो जाए,

बसंत पंचमी खुशियां अपार लाए।

23. कलम चले, विचार निखरें,

हर मन में नई उड़ान भरे।

मां सरस्वती का आशीर्वाद मिले,

बसंत पंचमी हर लक्ष्य पूरे करे।

24. पीले फूलों सी मुस्कान खिले,

हर दिल में ज्ञान का दीप जले।

सफलता कदम चूमे बार-बार,

बसंत पंचमी लाए खुशियों की बहार।

25. नई ऋतु, नए विचारों की शुरुआत,

मां सरस्वती करें सपनों को साकार।

विद्या, विवेक और रचनात्मकता बढ़े,

बसंत पंचमी से जीवन संवर जाए।

Basant Panchami 2026 mein kab hai?

बसंत पंचमी 2026 में शुक्रवार, 23 जनवरी को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आता है और वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है। इस दिन प्रकृति में हरियाली, उल्लास और नई ऊर्जा दिखाई देती है।

बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और संगीत से जुड़े लोग इस दिन विशेष रूप से पूजा करते हैं। पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना और पीले रंग के पकवान बनाना इस पर्व की खास परंपरा मानी जाती है।

Basant Panchami (Saraswati Puja) 2026 Puja Vidhi, Muhurat

  • वसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:46 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा।
  • मुहूर्त की अवधि: कुल 5 घंटे 45 मिनट की होगी।
  • वसंत पंचमी मध्याह्न काल: दोपहर 12:32 बजे रहेगा।
  • पंचमी तिथि प्रारंभ: 23 जनवरी 2026 को रात 2:28 बजे से होगी।
  • पंचमी तिथि समाप्त: 24 जनवरी 2026 को रात 1:46 बजे पर होगी।

सरस्वती पूजा के दिन भक्त सुबह जल्दी उठते हैं, स्नान करते हैं और पीले व सफेद वस्त्र पहनकर मां सरस्वती की पूजा करते हैं। पूजा स्थान पर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित की जाती है। सबसे पहले उन्हें गंगाजल से स्नान कराया जाता है और फिर पीले वस्त्र पहनाए जाते हैं।

इसके बाद भक्त पीले फूल (जैसे गेंदा), अक्षत (साबुत चावल), सफेद चंदन, पीली रोली, पीला गुलाल, धूप-अगरबत्ती और पीली मिठाइयाँ अर्पित करते हैं। दीपक जलाकर सरस्वती वंदना गाई जाती है, मंत्र जप किए जाते हैं और आरती की जाती है।

छात्र अपनी किताबें, कॉपियां, पेन और पढ़ाई से जुड़ी चीजें मां के सामने रखकर आशीर्वाद मांगते हैं। वहीं संगीत, नृत्य और कला से जुड़े लोग अपने वाद्य यंत्रों की भी पूजा करते हैं और ज्ञान व रचनात्मकता के लिए मां सरस्वती को धन्यवाद देते हैं।

बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?

बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा के लिए मनाई जाती है। इस दिन को नई शुरुआत, सीख और रचनात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मां सरस्वती के आशीर्वाद से बुद्धि, विद्या और कला में सफलता मिलती है।

इसी कारण छात्र, शिक्षक, कलाकार और संगीतकार इस दिन विशेष पूजा करते हैं। बसंत पंचमी को पीले रंग का विशेष महत्व है, जो ऊर्जा, उत्साह और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व प्रकृति में नई ताजगी, आनंद और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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