हार्ट अटैक आमतौर पर बुज़ुर्गों में होता है, लेकिन यह कम उम्र के लोगों में भी हो सकता है। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, भारत में 50 प्रतिशत पुरुषों को 50 साल से कम उम्र में हार्ट अटैक होता है और 25 प्रतिशत पुरुषों को 40 साल से कम उम्र में ही हार्ट अटैक हो जाता है। भारतीय महिलाओं में भी दिल की बीमारी से मौत की दर काफी ज्यादा है। इसकी बड़ी वजहें धूम्रपान, मोटापा और एक्सरसाइज की कमी जैसे लाइफस्टाइल से जुड़े कारक हैं।
मगर क्या आप ये जानते हैं कि अधिकतर हार्ट अटैक सुबह के समय ही क्यों आते हैं? दरअसल, बहुत से लोग खराब लाइफस्टाइल को ही इसकी वजह मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो सुबह 7 से 11 के बीच 85 फीसदी लोगों को हार्ट अटैक आते हैं। कार्डियोलॉजिस्ट संजय भोजराज ने खुद इस बात की पुष्टि की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक वीडियो में डॉ भोजराज ने बताया कि सुबह का समय आपके दिल के लिए हाई-अलर्ट जैसा होता है।
उन्होंने वीडियो में बताया कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके जागने के बाद शरीर में कॉर्टिसोल बढ़ता है, प्लेटलेट्स ज्यादा चिपचिपे हो जाते हैं और ब्लड प्रेशर भी ऊपर जाता है। जागते ही सीधे तेज रफ्तार में काम में लग जाने से स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक प्रमुख अध्ययन में पाया गया कि हार्ट अटैक और अचानक कार्डियक डेथ ज्यादातर सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच होती है और हल्की बढ़ोतरी शाम 5–6 बजे के बीच भी देखी गई।
डॉ संजय भोजराज ने कहा कि अगर आप सुबह उठते ही खाली पेट कॉफी पीते हैं, पानी या दवाएं छोड़ देते हैं, सीधे काम में कूद जाने जैसे काम तेजी से शुरू कर देते हैं तो ये वो ही समय है जब आपके दिल को सबसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत होती है। डॉ भोजराज ने इससे बचने के तरीके भी बताए। उन्होंने कहा कि इससे बचने का बेहतर तरीका है:
सबसे पहले पानी पिएं
रातभर सोते समय हमारा शरीर कई घंटे बिना पानी के रहता है। इससे बॉडी थोड़ी डिहाइड्रेट हो जाती है।
अपनी दवाएं समय पर लें
अगर आपको पहले से हाई ब्लड प्रेशर, शुगर या दिल से जुड़ी कोई दिक्कत है और डॉक्टर ने दवा दी है, तो उसे समय पर लेना बहुत जरूरी है।
- दवा ब्लड प्रेशर, शुगर और हार्ट रेट को कंट्रोल में रखती है
- सुबह दवा मिस करने से अचानक स्पाइक हो सकता है
- इससे दिल पर अचानक अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है
- जो लोग नियमित दवा लेते हैं, उनकी दिल संबंधी स्थिति ज्यादा स्थिर रहती है।
प्रोटीन वाला हल्का नाश्ता करें
सुबह खाली पेट सिर्फ चाय या कॉफी पीना ठीक नहीं होता। इससे एसिडिटी, घबराहट और ब्लड शुगर तेजी से घट-बढ़ सकती है।
इसके बजाय हल्का प्रोटीन वाला नाश्ता करें:
- दिमाग और शरीर को स्थिर ऊर्जा मिलती है
- भूख नियंत्रित रहती है, ओवरईटिंग कम होती है
- मसल्स और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट मिलता है
उदाहरण के तौर पर आप दूध को दलिया के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा उबला अंडा, दही, पीनट बटर टोस्ट, मूंग दाल चिल्ला, पनीर भी अच्छे विकल्प हैं।
10–15 मिनट हल्की एक्टिविटी करें
उठते ही अचानक तेज भागदौड़ शुरू करना दिल पर दबाव डाल सकता है। इसके बजाय धीरे-धीरे शरीर को वॉर्म-अप होने दें:
- हल्की स्ट्रेचिंग
- धीमी चाल में वॉक
- योग, प्राणायाम, जेंटल एक्सरसाइज
इससे:
- ब्लड फ्लो धीरे-धीरे बढ़ता है
- दिल पर अचानक लोड नहीं आता
- शरीर दिन भर ज्यादा चुस्त रहता है
- बस 10–15 मिनट काफी होते हैं।
अगर आपकी सुबह भाग-दौड़ भरी है, तो आपका दिल भी उसी तनाव को महसूस करता है। पर सुबह के पहले 20–30 मिनट शांत, संतुलित और सही तरीके से शुरू किए जाएं तो दिल ज्यादा सुरक्षित और मजबूत रहता है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)