देश के कई राज्यों में शनिवार को तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सबसे ज्यादा असर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में देखने को मिला, जहां लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गईं और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मेघालय में कई जगहों पर बहुत तेज बारिश हुई। वहीं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मिजोरम, तमिलनाडु और केरल के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
उत्तराखंड में बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन हुआ, जिससे तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित करीब 120 सड़कें बंद हो गईं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने के कारण रास्ता दो दिनों तक बंद रहा। इसके बाद प्रशासन ने करीब 100 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने बताया कि उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी इलाके में मलबा आने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी। ऐसे में बचाव दल ने वैकल्पिक रास्ते पर रस्सी लगाकर यात्रियों को एक-एक करके सुरक्षित पार कराया। इस अभियान में लगभग 100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश से कई जगह नुकसान हुआ। शिमला में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जबकि किन्नौर जिले के सांगला में पिछले साल बनाया गया अस्थायी पुल तेज बहाव में ढह गया। जिले के कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक और शुक्रवार की तुलना में 2.4 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राजधानी में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है।
उधर, जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में शनिवार शाम बादल फटने जैसी घटना के बाद अचानक बाढ़ आ गई। इससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ और कम से कम छह होटल तथा कुछ घरों को नुकसान पहुंचा।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर मौजूद दूसरे होटलों में भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राहत और निगरानी का काम लगातार जारी है और श्री अमरनाथ यात्रा भी सामान्य रूप से चल रही है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पहलगाम के आवूरा और देहवाथू के जंगलों वाले क्षेत्र में शाम के समय अचानक बहुत तेज बारिश हुई। इसके बाद आवूरा नाले में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया और अचानक बाढ़ आ गई। आगे चलकर यह नाला बटकूट इलाके में लिद्दर नाले से जाकर मिलता है।