भारत में सर्दियां ठंडी हवाओं, धूप भरी दोपहरों और ठंडी रातों का मिश्रण होती हैं। यह मौसम जहां गेंदा, पत्तागोभी, पालक जैसे पौधों के लिए अच्छा होता है, वहीं सूखी हवा और बदलता तापमान पौधों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। थोड़ी-सी सावधानी से आप दिसंबर, जनवरी और फरवरी में अपने गार्डन को हरा-भरा रख सकते हैं। सर्दियों में पौधों को स्वस्थ रखने के आसान टिप्स यहां दिए गए हैं:
सर्दियों में गार्डन के पौधों को स्वस्थ रखने के 5 आसान उपाय
1. जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए मल्चिंग करें
सर्दियों में, खासकर उत्तर भारत में, रात के समय तापमान काफी गिर जाता है। सूखे पत्ते, भूसा, कोकोपीट या गन्ने की खोई से मिट्टी ढक दें। इससे मिट्टी गर्म रहती है और नमी भी बनी रहती है। गमलों में लगे पौधों के लिए मल्चिंग बहुत फायदेमंद होती है।
2. सुबह के समय ही पानी दें
सर्दियों में मिट्टी देर तक नम रहती है, इसलिए ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। तभी पानी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे और हमेशा सुबह पानी डालें। ठंडे इलाकों में पानी कम दें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। गमलों में पानी निकास के छेद जरूर जांचें।
3. तेज हवा और पाले से पौधों को बचाएं
उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में पाला या ज्यादा ओस पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है। बहुत ठंडी रातों में जूट की बोरी, सूती कपड़ा या किसी हल्के कवर से पौधों को ढक दें। नाजुक पौधों और जड़ी-बूटियों को घर के अंदर या खिड़की के पास रख सकते हैं।
4. हल्की मात्रा में जैविक खाद दें
सर्दियों में पौधों को हल्की और प्राकृतिक खाद पसंद आती है। वर्मीकम्पोस्ट, गोबर की खाद, सरसों खली का पानी या सीवीड खाद अच्छी रहती है। 15–20 दिन में एक बार खाद देना काफी होता है। सुबह के समय ही खाद डालें और ज्यादा नाइट्रोजन से बचें।
5. सही तरीके से छंटाई करें
सर्दियों में सूखे पत्ते और कीट जल्दी पनपते हैं। सूखे पत्ते हटाते रहें और मिट्टी साफ रखें। हल्की छंटाई से हवा का संचार अच्छा रहता है। सूखी या कमजोर टहनियां काटें, लेकिन फूल वाले पौधों की ज्यादा कटाई न करें।
इन आसान उपायों को अपनाकर आप सर्दियों में भी अपने गार्डन को स्वस्थ और सुंदर बनाए रख सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)