Himachal Tourist Spots: हिमाचल प्रदेश का नाम आते ही मन में बर्फीली चोटियां, देवदार के जंगल और ठंडी हवा घूमने लगती है। हिमाचल का जिभी भी ऐसा ही एक शांत सा पहाड़ी गांव है, जहां लोग सुकून की तलाश में पहुंचते हैं। लेकिन जिभी के आसपास एक ऐसी जगह भी है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। इस जगह का नाम है कुल्ही कटंडी, जिसे 'मिनी थाईलैंड' भी कहा जाता था। यह प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। भीड़-भाड़ से दूर यह जगह शांति और सुकून चाहने वालों के लिए परफेक्ट है।
जिभी से शुरू होता है ये सुकून भरा सफर
कुल्ही कटंडी पहुंचने का सबसे आसान रास्ता जिभी से होकर जाता है। जिभी अपने शांत माहौल, नदियों के किनारे बने कॉटेज और हरे-भरे जंगलों के लिए मशहूर है। कुल्ही कटंडी यहां से सिर्फ 2 किलोमीटर दूर है। ट्रेक की शुरुआत पास के गांव रशाला से होती है, जो फॉरेस्ट रेस्ट हाउस रोड के पास स्थित है। यहां से ट्रेक ज्यादा लंबा नहीं है, लेकिन अनुभव बेहद खास है।
जंगलों के बीच शांत ट्रेक
जैसे ही आप ट्रेक पर कदम बढ़ाते हैं, सबसे पहले जो चीज महसूस होती है, वो है सन्नाटा। पक्षियों की आवाज, पत्तों की सरसराहट और कहीं दूर बहते पानी की हल्की ध्वनि, यही इस रास्ते की पहचान है। ट्रेल देवदार और ओक के घने जंगलों से होकर गुजरता है। साफ मौसम में आपको दूर हिमालय की बर्फीली चोटियां भी दिख सकती हैं।
ट्रेक के दौरान आपको हरे-भरे खुले मैदान मिलते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘थाच’ कहा जाता है। यहां अक्सर चरवाहे अपने पशुओं को चराने लाते हैं। ये खुले मैदान आराम करने, कैंपिंग करने या बस प्रकृति का आनंद लेने के लिए बेहतरीन जगह हैं।
क्यों खास है कुल्ही कटंडी ट्रेक?
जलोड़ी पास या सेरोलसर लेक जैसी जगहों के मुकाबले यहां पर्यटकों की संख्या बेहद कम रहती है। अगर आप शांति और अकेलेपन का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए है। कुल्ही कटंडी ट्रेक की कठिनाई मीडियम लेवल की है। न ज्यादा मुश्किल, न बहुत आसान। नए ट्रेकर्स भी थोड़ी तैयारी के साथ इसे आराम से कर सकते हैं।
यहां अभी तक कुछ खास व्यावसायिक विकास नहीं हुआ है, इसलिए जंगल, नदियां और पहाड़ अपनी असली खूबसूरती में नजर आते हैं। याद रखें, कुल्ही कटंडी कोई लग्जरी टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि नेचर के करीब ले जाने वाली जगह है। यहां जाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें और स्थानीय माहौल को वैसा ही रहने दें।