Holika Dahan 2026 muhurat: होली का पवित्र त्योहार दो दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन रंगों वाली होली खेली जाती है। लेकिन इस साल 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। इसलिए लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या ग्रहण के कारण होलिका दहन की तारीख बदलेगी?
होलिका दहन 2026 कब है?
होलिका दहन 3 मार्च 2026 को ही किया जाएगा। इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा। हालांकि ग्रहण की वजह से होलिका दहन की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि ग्रहण शाम 6:47 बजे समाप्त हो जाएगा। इसलिए 6:47 बजे के बाद होलिका दहन किया जा सकता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
3 मार्च 2026 को शाम 6:47 बजे से रात 8:50 बजे तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस समय होलिका पूजा करना बहुत शुभ माना जाएगा। यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
इस साल पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे तक रहेगी। इस साल रंगों वाली होली, जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है, 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, रंगों की होली चैत्र मास के कृष्ण पक्ष के पहले दिन खेली जाती है।
जानिए होलिका दहन का महत्व
होलिका दहन प्रह्लाद और होलिका की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जिसमें श्रद्धा और भक्ति ने अहंकार और बुराई पर विजय पाई थी। हिंदू समुदाय में अलाव को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।
परिवार के सभी सदस्य अग्नि के चारों ओर एकत्र होकर सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। लोग लकड़ियां इकट्ठी कर अलाव जलाते हैं, उसमें अनाज, नारियल और फूल अर्पित करते हैं और अग्नि की परिक्रमा करते हुए पूजा करते हैं। इस दौरान पारंपरिक भजन और मंत्रों का जाप कर आशीर्वाद मांगा जाता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)