How to check fake App-Website: आजकल हर काम मोबाइल और इंटरनेट से हो जाता है। चाहे वो बैंकिंग हो या शॉपिंग। लेकिन इसी सुविधा के साथ सबसे बड़ा खतरा है फेक ऐप्स और नकली वेबसाइट्स का। ये दिखने में असली लगते हैं, लेकिन अंदर से धोखाधड़ी के लिए बनाए जाते हैं। इन्हें इस्तेमाल करते ही आपका मोबाइल हैक हो सकता है, डेटा चोरी हो सकता है और बैंक अकाउंट से पैसे भी गायब हो सकते हैं। ऐसे में असली ऐप या वेबसाइट की पहचान कैसे करें, चलिए जानते हैं।
असली-नकली की पहचान कैसे करें?
आज के समय में डेटा की कीमत पैसों से भी ज्यादा है। अगर कोई आपका निजी डेटा हासिल कर ले तो उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए किसी भी वेबसाइट या ऐप पर भरोसा करने से पहले उसकी असलियत चेक करना बेहद जरूरी है। भारत सरकार ने इसके लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर एक खास सुविधा दी है। यहां आप मिनटों में पता लगा सकते हैं कि कोई ऐप या वेबसाइट सही है या फर्जी।
फर्जी ऐप-वेबसाइट पता लगाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
- अपने मोबाइल या लैपटॉप में गूगल पर NCCRP सर्च करें।
- रिजल्ट में आने वाली आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- ऊपर या साइड में दी गई तीन लाइन पर टैप करें और मेन्यू खोलें।
- मेन्यू में Report and Check Suspect ऑप्शन चुनें।
- अब Check Suspect (Website/App) पर क्लिक करें।
- आपके सामने दो विकल्प आएंगे: Website URL और App URL।
- जिसको जांचना है उसका लिंक या नाम डालें।
- कैप्चा भरें और Search बटन दबाएं।
- सिस्टम तुरंत बता देगा कि वह वेबसाइट या ऐप सुरक्षित है या फेक।
ऑनलाइन दुनिया जितनी फायदेमंद है, उतनी ही जोखिम भरी भी। लेकिन अगर आप थोड़ी सी सावधानी बरतें और सरकारी टूल का सही इस्तेमाल करें, तो किसी भी धोखाधड़ी से आसानी से बच सकते हैं। अगली बार कोई नया ऐप डाउनलोड करें या अनजान वेबसाइट पर जाएं, पहले उसकी जांच जरूर कर लें।