Vastu Tips: जन्माष्टमी पर ये 5 काम करने से पूरी होगी सभी मनोकामनाएं, बनी रहेगी श्रीकृष्ण की कृपा

Janmashtami Vastu Upay: हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन वास्तु के कुछ उपायों को करने से जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आती है।

एडिटेड बाय Manali Rastogi( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवहिंदुस्तान.कॉम)
पब्लिश्ड13 Aug 2025, 05:03 PM IST
जन्माष्टमी के दिन व्रत रखना भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दिन फलाहार लें और पूरी निष्ठा के साथ उपवास करें। इससे मन पवित्र होता है और भगवान की कृपा बनी रहती है।
जन्माष्टमी के दिन व्रत रखना भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दिन फलाहार लें और पूरी निष्ठा के साथ उपवास करें। इससे मन पवित्र होता है और भगवान की कृपा बनी रहती है।
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जन्माष्टमी के दिन व्रत रखना भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दिन फलाहार लें और पूरी निष्ठा के साथ उपवास करें। इससे मन पवित्र होता है और भगवान की कृपा बनी रहती है।

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भगवान कृष्ण का जन्म रात्रि 12 बजे हुआ था, इसलिए इस समय पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। भजन-कीर्तन करें, मंत्र जाप करें और श्रीकृष्ण की आरती उतारें। माना जाता है कि इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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घर में भगवान कृष्ण की झांकी सजाएं जिसमें जन्म की कथा, माखन चोर और रासलीला जैसे दृश्य हों। सुंदर सजावट और भक्ति भाव से बनाई गई झांकी से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली आती है।

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जन्माष्टमी पर भजन-कीर्तन करना या सुनना घर के वातावरण को पवित्र बनाता है। यह मन को शांत करता है और भक्त को भगवान के करीब लाता है। गोकुल और वृंदावन के भजनों का विशेष महत्व है।

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भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री बेहद प्रिय हैं। पूजा में इन्हें भोग लगाने से भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। बाद में यह प्रसाद सभी में बांटें।

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इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या धन का दान करना बेहद पुण्यकारी होता है। ऐसा करने से न केवल दूसरों का भला होता है बल्कि भगवान का आशीर्वाद भी मिलता है।

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डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।