Hydrogen Train Fact Check: देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हो गया है। हाल ही में पीएम मोदी ने हरियाणा के जींद से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर ट्रेन के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। उन्हीं वीडियो में से एक वीडियो में यूजर्स ने दावा किया कि लॉन्चिंग के अगले दिन ही हाइड्रोजन ट्रेन खराब हो गई है। इस दावे के साथ एक वीडियो भी शेयर किया था।
एक्स पर @Aryan_R9 नाम के यूजर ने एक्स पर हाइड्रोजन ट्रेन को खींचते एक डीजल इंजन का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर ने एक्स पर लिखा, ‘हाइड्रोजन ट्रेन के उद्घाटन के अगले दिन पुराने डीजल इंजन से घसीटते हुए सफर। हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन खराब और भयंकर तकनीकी फेलियर।’
रेलवे ने बताई सच्चाई
एक्स पर कई अन्य यूजर्स ने भी इस तरह के दावे किए हैं। हालांकि जब इस मामले ने तूल पकड़ लिया, तो रेलवे ने वायरल वीडियो की सच्चाई बताई। भारतीय रेलवे ने एक्स पर वीडियो के दावे को भ्रामक बताया है। उसने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन सिर्फ जींद और सोनीपत के बीच किया जा रहा है। स्टैंडर्ड प्रोसीजर के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन को मेंटिनेंस के लिए आने जाने के लिए, लोकोमोटिव का उपयोग किया जाएगा।उक्त पोस्ट भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं।
कहां- कहां रुकेगी ये ट्रेन?
इस हाइड्रोजन ट्रेन में 10 डिब्बे हैं और इसमें लगभग 2,600 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। ये ट्रेन जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भांभेवा, ईसापुर खीरी, बुटाना, खंडराई, रबरा, लाठ, मोहाना, बड़वासनी स्टेशन पर ठहरेगी। जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी ये ट्रेन दो घंटे में तय करेगी।
कैसे चलती हाइड्रोजन ट्रेन?
रेल मंत्रालय के अनुसार, 10 डिब्बों वाली इस ट्रेन को 1,200 किलोवाट क्षमता वाली हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रणोदन प्रणाली से संचालित किया जाएगा। ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। शिव नाडर विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग स्कूल के प्रोफेसर हरप्रीत सिंह अरोड़ा ने बताया कि सरल शब्दों में समझें तो हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रणोदन प्रणाली में फ्यूल सेल के भीतर हवा से प्राप्त ऑक्सीजन और हाइड्रोजन को मिलाकर बिजली उत्पन्न की जाती है। यही बिजली ट्रेन की मोटरों को चलाती है।