PM Modi Apology to Women: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि हम महिला आरक्षण पास नहीं करा पाए, इसके लिए मैं सभी महिलाओं से माफी मांगता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मेरे लिए देशहित सर्वोपरि है। कांग्रेस, डीएमके, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी को उठाना पड़ा।
उन्होंने भावुक मन से कहा कि आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं देश की माताओं-बहनों से क्षमा प्रार्थी हूं।
नारी कभी नहीं भूलती अपमान- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि नारी सब भूल जाती है अपना अपमान कभी नहीं भूलती। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तब वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था।
विपक्ष ने किया पाप- पीएम मोदी
महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था, नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन सभी राज्यों की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। सब राज्यों की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी, DMK जैसे दल इस भ्रूण हत्या के जिम्मेदार हैं।
परिसीमन पर लगातार झूठ रही कांग्रेस- पीएम मोदी
कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये लोग विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं क्योंकि बांटो और राज करो ये राजनीति कांग्रेस अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है और कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि परिसीमन से न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा और न किसी की भागीदारी कम होगी। सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी जैसे दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए।