भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का क्रेज सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव ला रहा है। हालिया 'ईवाई 2025 वर्क इमेजिन्ड सर्वे' के नतीजे बताते हैं कि एआई को अपनाने के मामले में भारत दुनिया के टॉप देशों में शामिल हो गया है। तकनीक के इस बढ़ते इस्तेमाल ने न केवल काम करने का तरीका बदला है, बल्कि कर्मचारियों की काबिलियत को भी नई ऊंचाई दी है।
भारतीय वर्कप्लेस पर अब एआई एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 62% कर्मचारी अपने रोजाना के कामकाज में जेनरेटिव एआई (GenAI) का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह आंकड़ा दुनिया के कई विकसित देशों से काफी बेहतर है। इस स्टडी के लिए वैश्विक स्तर पर 29 देशों के 15,000 कर्मचारियों और 1,500 कंपनियों से राय ली गई थी। इसमें भारत के भी 800 कर्मचारी और 50 कंपनियां शामिल थीं।
एआई तकनीक का सबसे बड़ा फायदा काम की रफ्तार और क्वालिटी में दिख रहा है। देश की 90% कंपनियां और 86% कर्मचारी इस बात से सहमत हैं कि एआई की वजह से उनकी कार्य-उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) में बढ़ोतरी हुई है। सिर्फ रफ्तार ही नहीं, बल्कि सही फैसले लेने में भी यह तकनीक मददगार साबित हो रही है। सर्वे में 75% कर्मचारियों और 72% कंपनियों ने माना कि GenAI की मदद से वे अब पहले से बेहतर और सटीक निर्णय ले पा रहे हैं।
भारत का 'एआई एडवांटेज' स्कोर 53 रहा है, जो कि वैश्विक औसत (34) से बहुत ज्यादा है। इसका सीधा मतलब यह है कि एआई के इस्तेमाल से भारतीय कर्मचारियों का काफी समय बच रहा है और उनका काम आसान हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 82% कर्मचारी और 92% कंपनियां मानती हैं कि एआई ने काम की क्वालिटी को काफी सुधार दिया है। इससे गलतियों की गुंजाइश कम हुई है और आउटपुट बेहतर हुआ है।
भारत ने 'टैलेंट हेल्थ' के मामले में भी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। भारत का टैलेंट हेल्थ स्कोर 82 दर्ज किया गया है, जबकि दुनिया का औसत स्कोर महज 65 है। यह स्कोर दर्शाता है कि भारतीय कर्मचारी अपने ऑफिस के माहौल, सैलरी और नई चीजें सीखने के मौकों से बहुत खुश हैं। एआई के आने से उनके काम के प्रति संतुष्टि और बढ़ गई है।
भारत में एआई का इस्तेमाल केवल अंधाधुंध नहीं हो रहा, बल्कि इसके सुरक्षित उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। करीब 94% कंपनियां और 89% कर्मचारी मानते हैं कि भारत में एआई का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है। इस विश्वास की वजह से ही एआई पर लोगों का भरोसा बढ़ा है और भारत ग्लोबल लेवल पर एक एआई लीडर के रूप में उभर रहा है।
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