U-19 World Cup Final: क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर भारत की युवा टीम ने दुनिया को दिखा दिया कि आने वाला भविष्य कितना मजबूत है। शुक्रवार को खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठी बार खिताब अपने नाम कर लिया।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी
इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। मैदान पर ऐसा लगा मानो हर गेंद बाउंड्री की तलाश में हो। वैभव के क्रीज पर रहते भारत 500 रन की ओर बढ़ता दिख रहा था। इसी पारी के साथ उन्होंने अंडर-19 में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने और यूथ वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
कप्तान और मिडिल ऑर्डर का साथ
कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन की अहम पारी खेली और वैभव के साथ 142 रन की मजबूत साझेदारी की। बाद में अभिज्ञान कुंडु ने तेज 40 रन बनाकर स्कोर को और मजबूत किया। आखिरी ओवरों में कनिष्क चौहान की नाबाद 37 रन की पारी ने भारत को 411 तक पहुंचा दिया।
412 रन का दबाव, इंग्लैंड लड़खड़ाया
इतने बड़े लक्ष्य के सामने इंग्लैंड की शुरुआत ही खराब रही। शुरुआती झटकों के बाद कैलेब फाल्कनर ने जरूर 115 रन की लड़ाकू पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
गेंदबाजों ने किया कमाल
भारत की गेंदबाजी भी उतनी ही दमदार रही। दीपेश देवेंद्रन, अम्ब्रिश और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके। खिलन पटेल और आयुष म्हात्रे ने भी अहम योगदान दिया। लगातार विकेट गिरते रहे और इंग्लैंड वापसी नहीं कर पाया।
छठा खिताब
इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 विश्व कप का छठा खिताब जीत लिया। यह टीम आने वाले सालों में सीनियर क्रिकेट के लिए कई बड़े सितारे देने वाली है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज भारतीय क्रिकेट के भविष्य को और उज्ज्वल बनाता है।