INS Udaygiri stealth Features: भारतीय नौसेना के इतिहास में आज पहली बार दो अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत INS उदयगिरी और INS हिमगिरी को एक साथ इंडियन नेवी में शामिल किए जाएंगे। ये ऐतिहासिक समारोह विशाखापट्टनम के नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार, और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद होंगे। आइए जानते हैं दोनों युद्धपोतों की खासियत
INS उदयगिरी और हिमगिरी न सिर्फ भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि ये ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की सफलता का प्रतीक भी हैं। ये दोनों युद्धपोत Project 17A के तहत बनाए गए हैं, जो पहले के शिवालिक क्लास फ्रिगेट्स का अपग्रेड वर्जन हैं।INS उदयगिरी को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई ने बनाया है। INS हिमगिरी को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता ने तैयार किया है।
कैसे मिला इन दोनों को ये नाम?
इन दोनों अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोतों को उनके नाम मिलने की कहानी बेहद खास है। INS उदयगिरी का नाम आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध पर्वत श्रृंखला उदयगिरी से लिया गया है। ये नाम पहले भी एक युद्धपोत को दिया गया था, जो 1976 से 2007 तक सेवा में रहा। वहीं INS हिमगिरी का नाम हिमालय की हिमगिरी पर्वत श्रृंखला से प्रेरित है। ये भी एक पूर्ववर्ती फ्रिगेट का नाम था, जो 1975 में कमीशन हुआ था