Indian Railway: ट्रेन में मिडिल बर्थ को कब खोलना और बंद करना है? रेलवे ने दिया यह बयान

Indian Railway: ट्रेन सफर में मिडिल बर्थ को लेकर अक्सर कन्फ्यूजन रहता है। ऐसे में रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव देने के लिए एक बार फिर मिडिल बर्थ के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आइये जानते हैं मिडिल सीट को कब खोल सकते हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड25 Mar 2026, 07:28 PM IST
Indian Railway: मिडिल सीट को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इ्स्तेमाल कर सकते हैं।
Indian Railway: मिडिल सीट को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इ्स्तेमाल कर सकते हैं।

Indian Railway: भारतीय ट्रेन से हर दिन एक बड़ी संख्या में लोग एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा करते हैं। एक ऐसा परिवहन है, जहां गरीब से गरीब और अमीर से अमीर लोगों को सफर करते हुए देखा जा सकता है। दुनियाभर में भारतीय रेलवे की गिनती बड़े रेल नेटवर्क्स में होती है। ऐसे में यात्रियों को हर तरह की सुविधा देने के लिए कई सारे नियम भी बनाए जाते हैं। लेकिन इनमें कुछ ऐसे नियम भी होते हैं। जिसे लेकर अक्सर यात्री दुविधा में रहते हैं। अब ट्रेन की मिडल सीट को ही देख लीजिए कई यात्रियों का सवाल रहता है कि आखिर मिडिल सीट को कब इस्तेमाल करते हैं।

अक्सर ट्रेनों में मिडिल बर्थ को लेकर विवाद देखने को मिलता है, खासकर जब यात्री इसे जल्द खोलना या देर से बंद करना चाहते हैं। भारतीय रेलवे ने इस समस्या से निपटने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित किया है ताकि यात्रियों की यात्रा आरामदायक बनी रहे और किसी को असुविधा न हो। आइये जानते हैं मिडिल सीट को लेकर रेलवे की ओर से क्या नियम बनाए गए हैं।

मिडिल सीट का कब करें इस्तेमाल?

स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मिडिल बर्थ के लिए समय तय किया है। दक्षिण रेलवे ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मिडिल बर्थ के बारे में नियम जारी किए हैं। दक्षिण रेलवे के मुताबिक, मिडिल बर्थ सिर्फ़ रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच सोने के लिए होती है। दिन में सभी पैसेंजर के आराम से बैठने के लिए इसे मोड़कर रखना चाहिए। रेलवे ने ये भी कहा है कि अपने साथी यात्रियों के लिए हर सफर को अच्छा बनाने में मदद करना चाहिए।

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लोअर बर्थ के यात्री को क्या करना चाहिए?

अब सवाल यह उठता है कि अगर सुबह 6 बजे सीट फोल्ड कर दी जाए और लोअर सीट के यात्री को सोना है। ऐसे में क्या करना होगा। इस सवाल के जवाब में सेंट्रल रेलवे (मध्य रेल) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने मिंट हिंदी के साथ बातचीत करते हुए कहा कि रेलवे के नियमों के मुताबिक, सुबह 6 बजे सीट को फोल्ड कर देना चाहिए। अगर लोअर बर्थ के यात्री को सोना है और अपर बर्थ वाले को भी बैठना है तो आपसी सहमति के आधार पर लोअर बर्थ के यात्री अपर सीट में जा सकते हैं। अपर और मिडल बर्थ के यात्री आराम से लोअर बर्थ में बैठ सकते हैं। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि आपसी सहमति के आधार पर यात्री फैसला लेकर अपनी यात्रा को सुगम बना सकते हैं। यह व्यवस्था सभी मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में लागू है।​

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शिकायत कैसे करें?

मिडिल बर्थ से संबंधित किसी भी समस्या के लिए:

  • हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें।
  • रेल मदद ऐप पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • ट्रेन में मौजूद टीटीई या रेलवे स्टाफ से संपर्क करें​।

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