Indian Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नियमों को और कड़ा कर दिया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की कई धाराओं में संशोधन लागू कर दिए गए हैं। नए नियमों के तहत अब धूम्रपान, अवैध फेरी लगाना और भीख मांगने जैसी गतिविधियों पर पहले से ज्यादा सख्ती की जाएगी। इसके तहत ट्रेन और रेलवे परिसरों में धूम्रपान, अवैध फेरी और भीख मांगने जैसी गतिविधियों पर अब ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत ट्रेन और रेलवे परिसर में धूम्रपान प्रतिबंधित है। पहले इसके लिए अधिकतम ₹100 का जुर्माना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹2,000 कर दिया गया है। इसके अलावा दोषी यात्री का टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है और उसे ट्रेन से उतारा जा सकता है। अगर आरोपी मौके पर जुर्माना देने से इनकार करता है तो उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां अधिकतम ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अवैध फेरी और भीख मांगने पर भी सख्ती
रेलवे अधिनियम की धारा 144 के तहत बिना लाइसेंस सामान बेचने, फेरी लगाने और भीख मांगने को अपराध माना गया है। नए नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां तीन महीने तक की जेल, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।
टिकटलेस यात्रा पर भी बढ़ेगा जुर्माना
रेल मंत्रालय टिकटलेस यात्रा के मामलों में भी जुर्माना बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किया जा सकता है। इसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं के कोच में यात्रा करने वालों पर ₹2,500 का दंड
नए प्रस्तावों के तहत पुरुष यात्रियों के महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि इसका उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है।
क्यों सख्त किए गए नियम?
रेल मंत्रालय के अनुसार, ट्रेन में धूम्रपान और ज्वलनशील पदार्थों के कारण अतीत में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, अवैध फेरी और भीख मांगने की वजह से यात्रियों को असुविधा होती है। नए नियमों का उद्देश्य रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखना और यात्रियों को सुरक्षित एवं आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना है।
रेलवे नेटवर्क में अनुशासन बढ़ाने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते यात्री दबाव के बीच रेलवे को बेहतर प्रबंधन और सख्त नियमों की जरूरत है। जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत किए गए ये बदलाव रेलवे नेटवर्क में अनुशासन और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में रेलवे अन्य नियमों में भी बदलाव कर सकता है।