
कपूरथला: सरबजीत कौर, जो सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं और वापस नहीं लौटीं, शनिवार को शेखूपुरा में एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुईं। वहां उन्होंने हलफनामा देकर कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है और एक पाकिस्तानी नागरिक नसीर हुसैन से शादी की है। यह जानकारी पाकिस्तानी मीडिया ने दी है।
एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह मजिस्ट्रेट को बताती दिख रही हैं कि वह नसीर को पिछले नौ साल से जानती हैं, उससे प्यार करती हैं और अपनी इच्छा से इस्लाम अपना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट शाहबाज हसन राणा के सामने कहा कि वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती हैं। शेखूपुरा जिला बार के सदस्य अहमद हसन पाशा एडवोकेट ने अदालत में उनकी ओर से पैरवी की।
अपने बयान में सरबजीत ने कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के इस्लाम कबूल किया और पाकिस्तानी युवक से शादी की। अब वह अपने पति नसीर हुसैन के साथ रहना चाहती हैं। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, इस्लाम अपनाने के बाद उन्होंने अपना नया नाम "नूर" रखा है और उन्होंने साफ कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया।
उन्होंने बताया कि शादी 5 नवंबर 2025 को फ़ारूक़ाबाद, जिला शेखूपुरा में हुई, जिसमें 10,000 रुपये मेहर के रूप में दिया गया था। उनकी याचिका में भी यही कहा गया कि उन पर कोई जबरदस्ती नहीं की गई और उन्होंने अपने नए इस्लामी नाम की पुष्टि की। विवाह प्रमाणपत्र में उन्हें एक तलाकशुदा महिला और दो बच्चों की मां के रूप में दर्ज किया गया है।
सरबजीत पहले अपने दो बेटों के साथ अमानीपुर गांव में रहती थीं। उनके बेटों को भी यह तब पता चला जब शुक्रवार को केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस ने उनसे पूछताछ की। तलवंडी चौधरियां थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि सरबजीत के खिलाफ पहले भी तीन मामले दर्ज थे। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने इसे अगवा करना और अक्षम्य अपराध बताया और इसकी निंदा की।
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