Indigo Airlines crisis: इंडिगो एयरलाइंस संकट को लेकर सरकार ने लोकसभा में सख्त रुख अपनाया है। उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने साफ कहा कि फ्लाइट कैंसिलेशन और संचालन में गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार तय होंगे और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि ऑपरेशन तेजी से स्थिर हो रहे हैं, सुरक्षा पूरी तरह से लागू है, इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ऑपरेशन तेजी से स्थिर हो रहे हैं, सुरक्षा पूरी तरह से लागू है, इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, यात्रियों की सुविधा और सम्मान की रक्षा की जा रही है और भारत के उड्डयन सेक्टर को और ज्यादा यात्री-केंद्रित बनाने के लिए लंबे समय के उपाय किए जा रहे हैं।
हालांकि केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के बयान से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और लोकसभा में हंगामा करने लगा। विमानन मंत्री ने लोकसभा में कहा कि डीजीसीए ने इंडिगो को नोटिस जारी करते हुए एक जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी एयरलाइन को, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, योजना की विफलताओं या नियमों का पालन न करने के कारण यात्रियों को ऐसी परेशानी देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डीजीसीए ने फ्लाइट में कटौती के दिए आदेश
लोकसभा में उड्डयन मंत्री के बयान से पहले ही सरकार ने इंडिगो के पर कतर दिए हैं। डीजीसीए ने इंडिगो को आदेश दिया है कि वो अपनी सभी उड़ानों में से 5 प्रतिशत फ्लाइट में कटौती कर दे। इसके लिए डीजीसीए ने इंडिगो को 10 दिसंबर के शाम तक की मोहलत दी है। आदेश में कहा गया कि इंडिगो नया शेड्यूल 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक सबमिट कर दें। बता दें कि आज भी इंडिगो की करीब 200 से अधिक उड़ानें रद्द हैं। फ्लाइट के कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।