Indigo Crisis: संसद में उठेगा इंडिगो का मामला! क्या पायलट्स की दिक्कतों का मिलेगा हल?

Indigo Crisis: हाल ही में इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद सरकार ने एयरलाइन को 10% ऑपरेशन घटाने का आदेश दिया है। इसी बीच पायलटों की थकान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए ALPA को संसद में बुलाया गया है। वहीं इंडिगो का कहना है कि हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

Priya Shandilya
अपडेटेड10 Dec 2025, 10:48 AM IST
संसद तक पहुंचा इंडिगो मामला, 10% उड़ानें कम करने का निर्देश
संसद तक पहुंचा इंडिगो मामला, 10% उड़ानें कम करने का निर्देश(AFP)

Indigo Crisis: पिछले कुछ दिनों से इंडिगो एयरलाइंस लगातार सुर्खियों में है। हजारों फ्लाइट्स रद्द होने, एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों और यात्रियों की परेशानी के बाद अब मामला सीधा सरकार और संसद तक पहुंच गया है। वहीं, इंडिगो ने कहा है कि स्थिति अब धीरे-धीरे सुधर रही है, लेकिन सरकार ने इसे लेकर बड़ा कदम उठा दिया है।

10% ऑपरेशन कम करने का आदेश

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सीधे कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपने टोटल फ्लाइट ऑपरेशन में 10% की कटौती करे। पहले 5% कट की बात कही जा रही थी लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि एयरलाइन मौजूदा शेड्यूल को कुशलता से संचालित नहीं कर पा रही है इसलिए नए शेड्यूल को तैयार कर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक सौंपना होगा।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के मुताबिक यह कदम ऑपरेशन को स्टेबल करने और कैंसलेशन कम करने में मदद करेगा।

इंडिगो का दावा

वहीं, इंडिगो ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि पिछले हफ्ते हुए फ्लाइट कैन्सलेशन के बाद अब ऑपरेशन काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर ने कहा कि एयरलाइन अब फिर से संभल गई है और फ्लाइट्स भी समय पर चल रही हैं। कंपनी ने बताया कि मंगलवार को 1,800 से ज्यादा उड़ानें चलाई गईं और बुधवार को करीब 1,900 उड़ानें चलाने की योजना है।

संसद पहुंचे पायलट!

सबसे अहम बात यह है कि एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) को संसदीय समिति के सामने पेश होने का न्योता दिया गया है। ALPA ने बताया कि पहली बार फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FTDL), पायलट थकान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे संसद में इस स्तर पर सुने जाएंगे। ALPA इंडिया ने कहा है कि FDTL नॉन-कंप्लायंस, ओपरेशनल स्ट्रेस और सुरक्षा नियमों पर गंभीर बातचीत होनी जरूरी है, क्योंकि इनका सीधा असर फ्लाइट सेफ्टी पर पड़ सकता है।

एयरपोर्ट्स पर अचानक चेकिंग

फ्लाइट कैंसिलेशन से यात्रियों को हुई परेशानियों के बीच एविएशन मंत्रालय ने मंगलवार को बड़े एयरपोर्ट्स पर औचक निरिक्षण किया। जॉइंट सेक्रेटरी मधु सूदन शंकर ने मुंबई एयरपोर्ट का दौरा कर कहा कि हालात काबू में हैं। उन्होंने बताया कि देरी से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, कोच्चि, गोवा और लखनऊ रहे, लेकिन सभी स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद सुधार भी देखने को मिला है।

कोलकाता एयरपोर्ट पर जांच

कोलकाता में एविएशन मंत्रालय की डायरेक्टर तन्वी सुंद्रीयाल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा किया। उन्होंने इंडिगो हेल्पडेस्क, टिकट बुकिंग काउंटर, चेक-इन, सिक्योरिटी एरिया, डिपार्चर गेट्स और कतार प्रबंधन जैसे अहम पॉइंट्स की जांच की और सीधे यात्रियों से बात कर उनकी परेशानियां समझीं।

एविएशन सेक्टर में चिंता बढ़ी

फ्लाइट कैंसिलेशन, पायलट थकान, ऑपरेशंस और शेड्यूलिंग की चुनौतियों ने फिर दिखा दिया कि भारी ट्रैफिक के समय एयरलाइन मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती बन जाता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि संसद में ALPA क्या कहती है और इंडिगो आने वाले दिनों में इन निर्देशों को कैसे लागू करती है।

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