
Indigo Flight Delay: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों लगातार उड़ानें रद्द कर रही है और यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इंडिगो पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) के पूरे लागू होने से पहले एयरलाइन को पूरे दो साल की तैयारी मिली थी, फिर भी कंपनी ने भर्ती रोककर गलत प्लानिंग की।
FIP ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को चिट्ठी लिखकर कहा है कि जब तक किसी एयरलाइन के पास FDTL के हिसाब से काफी पायलट और स्टाफ न हों, तब तक उनके सीजनल फ्लाइट शेड्यूल को मंजूरी न दी जाए।
संगठन ने यहां तक कहा कि अगर इंडिगो अपने स्टाफ की कमी के कारण उड़ानें संभाल नहीं पा रही है, तो DGCA को उसके स्लॉट्स दूसरी एयरलाइनों को देने पर विचार करना चाहिए, जो छुट्टियों और कोहरे वाले मौसम में बिना दिक्कत उड़ानें चला सकें।
बुधवार को इंडिगो ने अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर 150 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं और सैकड़ों देर से चलीं। कंपनी के मुताबिक, नए FDTL नियम लागू होने के साथ ही क्रू की कमी एक बड़ी वजह रही। नागर विमानन मंत्रालय के डेटा के अनुसार, 3 दिसंबर को इंडिगो की सिर्फ 19.7% उड़ानें ही समय पर उड़ सकीं या पहुंच सकीं।
FIP ने आरोप लगाया कि बाकी सभी एयरलाइनों ने पहले ही काफी पायलट रख लिए थे, जिससे उनकी सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
संगठन के मुताबिक, इंडिगो की उड़ानें इसलिए प्रभावित हुईं, क्योंकि कंपनी लंबे समय से कम स्टाफ में काम चलाने की रणनीति अपना रही थी और अब वही उल्टा पड़ गया।
संगठन ने DGCA से कहा है कि आगे से किसी भी कंपनी को तभी शेड्यूल मंजूर किया जाए, जब वह यह साबित कर दे कि उसके पास नए FDTL नियमों के अनुसार उड़ानें सुरक्षित और स्थिर तरीके से चलाने के लिए पर्याप्त पायलट हैं।
यात्रियों की बढ़ती परेशानी के बीच अब नजर DGCA के अगले कदम पर है। क्या इंडिगो स्टाफ बढ़ाकर हालात सुधार पाएगी या फिर स्लॉट्स किसी और एयरलाइन को मिलेंगे, इसका फैसला आने वाले दिनों में साफ होगा।
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