Iran Attacks On US Base: ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हमलों का बदला लेने के लिए हमला शुरू कर दिया है। ईरान ने कतर में अमेरिका के अल-उदीद एयर मिलिट्री बेस पर हमला कर दिया है। कतर की राजधानी दोहा में अभी कई बार धमाकों की आवाज सुनी गई। कुछ देर पहले ही कतर ने अपना एयरस्पेस बंद किया था। कतर में अल-उदीद एयरबेस मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। यह लगभग 8,000 से 10,000 के बीच अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना है। इजरायली अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान की ओर से 6 मिसाइलें दागी गईं हैं।
वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा गया है कि कतर की राजधानी दोहा के ऊपर कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कतर ने सोमवार को कहा कि उसने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, इससे कुछ घंटे पहले अमेरिका और ब्रिटिश अधिकारियों ने अपने नागरिकों से संपर्क कर उन्हें अगले आदेश तक सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी थी।
ईरान का आरोप- नेतन्याहू ने अमेरिका को जंग में घसीटा
परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को धमकी दी थी. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा था कि हम अमेरिका को करारा जवाब देंगे। ईरान ने जैसा कहा था, वैसा कर के दिखा दिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि नेतन्याहू ने अमेरिका को ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी करने के लिए उकसाया है। उसे एक महंगे युद्ध में घसीटा लिया। ईरान की तरफ से एक एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि अअमेरिका ने अपनी सुरक्षा को खतरे में डालकर सिर्फ नेतन्याहू की रक्षा की है।
हालांकि, ब्रिटेन और फ्रांस ने इजरायल और अमेरिका के इस कदम से दूरी बनाने की कोशिश की है, लेकिन ईरान ने इन देशों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी को भी चेतावनी दी। ईरान का कहना है कि वे ईरान में मासूम नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों की मौत के नुकसान के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
ईरान ने हमले की पुष्टि की
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसने कतर में अमेरिका के अल-उदीद एयरपोर्ट पर जवाबी मिसाइल हमला किया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह हमला बदले की कार्रवाई के तौर पर किया गया है।