Ali Khamenei dead: ईरान की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरे और 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की है, हालांकि उनकी मृत्यु किस कारण से हुई, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। राज्य टीवी और सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने खामेनेई के निधन की खबर प्रसारित की, लेकिन कारण को लेकर चुप्पी बनाए रखी। खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक का माहौल है।
40 दिन का राष्ट्रीय शोक
फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, खामेनेई की मौत के बाद ईरानी सरकार ने 40 दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की है। इसके साथ ही सात दिन की सार्वजनिक छुट्टियों का भी ऐलान किया गया है। यह कदम उनके लंबे और प्रभावशाली कार्यकाल को देखते हुए उठाया गया है।
ईरानी मीडिया का दावा- ड्यूटी के दौरान मारे गए खामेनेई
ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान की अपनी न्यूज एजेंसियां 'फार्स' और 'तस्नीम' के अनुसार, सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई शनिवार तड़के अपने दफ्तर में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते समय मारे गए। यह खबर इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि कुछ समय पहले तक ईरान इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा था। अब अपनों के ही बयानों ने तेहरान की स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम बोले- "खामेनेई की मौत पर कोई आंसू नहीं बहाएगा"
दुनियाभर के नेता अब इस पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अलबनीज ने एक कड़ा बयान जारी किया है। एएफपी के अनुसार, उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर शोक नहीं मनाया जाएगा। अलबनीज ने खामेनेई को ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइलों और हथियारबंद गुटों को बढ़ावा देने का मुख्य जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खामेनेई अपनी ही जनता पर जुल्म ढाने और ऑस्ट्रेलियाई धरती पर हमलों की साजिश रचने के पीछे के मास्टरमाइंड थे। उनके मुताबिक, खामेनेई का जाना दुनिया के लिए एक राहत की बात है और उनके लिए कोई दुख नहीं जताया जाएगा।
ट्रंप ने पहले ही किया था दावा
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया था कि खामेनेई अमेरिका और इजरायल के जॉइंट ऑपरेशन में मारा गया है। ट्रंप ने इसे ईरान के लोगों के लिए अपना देश वापस पाने का सबसे बड़ा मौका बताया था। वहीं, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी टीवी पर आकर कहा था कि तानाशाह का किला ढह चुका है। इजरायली एयरफोर्स ने 7 अन्य टॉप जनरलों के मारे जाने की लिस्ट भी जारी की थी, जिससे साफ लग रहा था कि इस बार हमला सीधा सिर पर हुआ है।