Ganesh Ji Aarti In Hindi PDF: आज देशभर में सकट चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। पूरे दिन के निर्जला व्रत के बाद अब शाम को भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा के बाद चांद को जल चढ़ाकर महिलाएं व्रत खोलती हैं। पूजा करते वक्त भगवान गणेश की कथा भी की जाती है। पांचों कथाओं को पढ़कर महिलाएं बप्पा की आरती करती हैं। अगर आपको बप्पा की आरती याद न हो, तो यहां हिंदी में सकट चौथ पर भगवान गणेश की संपूर्ण आरती पढ़िए।
Ganesh Ji Ki Hindi Aarti।। गणेश जी की आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
कैसे खोला जाता है सकट चौथ का व्रत?
सकट चौथ का व्रत चंद्रोदय के बाद ही खोला जाता है। सबसे पहले निर्जला व्रत करने वाली महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर उनका पूजन करती हैं, फिर गणेश जी की आरती करके प्रसाद अर्पित करती हैं। इसके बाद जल या दूध पीकर व्रत का पारण किया जाता है और प्रसाद ग्रहण किया जाता है। इस विधि को पूरा करने के बाद ही सकट चौथ का व्रत पूर्ण माना जाता है। ये व्रत महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए रखती है।