एकादशी का व्रत हर महीने दो बार रखा जाता है, एक बार कृष्ण पक्ष में और एक बार शुक्ल पक्ष में। ये दोनों तिथियां भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत शुभ मानी जाती हैं। भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता और रक्षक कहा जाता है। इस दिन भक्त माता लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं, ताकि जीवन में सुख, शांति, समृद्धि मिले और पुराने पापों से मुक्ति मिले।
सभी एकादशियों में से जया एकादशी माघ महीने में आती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि आती है। इस वर्ष जया एकादशी 29 जनवरी को मनाई जाएगी। इसके शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
सुबह पूजा का मुहूर्त
सुबह 7:11 बजे से 8:32 बजे तक
सुबह 11:14 बजे से दोपहर 1:55 बजे तक
पारण का समय
एकादशी व्रत खोलने को पारण कहा जाता है। इसे सही विधि और समय के अनुसार करना बहुत जरूरी होता है।
पारण की तिथि: 30 जनवरी 2026
पारण का समय: सुबह 7:10 बजे से 9:20 बजे तक
द्वादशी समाप्ति: सुबह 11:09 बजे
इस दिन मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है और इससे धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है। नीचे कुछ प्रमुख मंत्र दिए गए हैं:
भगवान विष्णु के मंत्र
शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं।
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्॥
लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।
वंदे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
भगवान विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
भगवान विष्णु मंगल मंत्र
मंगलं भगवान विष्णु, मंगलं गरुड़ध्वज।
मंगलं पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनो हरि॥
माता लक्ष्मी और गणेश जी का मंत्र
कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताभ्जया लिंगितमब्दिपुत्रं,
धन और समृद्धि के लिए मंत्र
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो मा दभ्रं भूर्याभर।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुतः पुरुत्रा शूर वृत्रहन्।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)