Jaya Ekadashi 2026: एकादशी कब है? जया एकादशी पर इन मंत्रों का उच्चारण करने से पूरी होगी हर मनोकामना

जया एकादशी माघ माह में 29 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। व्रत रखने से सुख-समृद्धि मिलती है। पूजा और पारण शुभ मुहूर्त में करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड27 Jan 2026, 09:19 AM IST
जया एकादशी पर इन मंत्रों का उच्चारण करने से पूरी होगी हर मनोकामना
जया एकादशी पर इन मंत्रों का उच्चारण करने से पूरी होगी हर मनोकामना

एकादशी का व्रत हर महीने दो बार रखा जाता है, एक बार कृष्ण पक्ष में और एक बार शुक्ल पक्ष में। ये दोनों तिथियां भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत शुभ मानी जाती हैं। भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता और रक्षक कहा जाता है। इस दिन भक्त माता लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं, ताकि जीवन में सुख, शांति, समृद्धि मिले और पुराने पापों से मुक्ति मिले।

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सभी एकादशियों में से जया एकादशी माघ महीने में आती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि आती है। इस वर्ष जया एकादशी 29 जनवरी को मनाई जाएगी। इसके शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

सुबह पूजा का मुहूर्त

सुबह 7:11 बजे से 8:32 बजे तक

दूसरा शुभ समय:

सुबह 11:14 बजे से दोपहर 1:55 बजे तक

पारण का समय

एकादशी व्रत खोलने को पारण कहा जाता है। इसे सही विधि और समय के अनुसार करना बहुत जरूरी होता है।

पारण की तिथि: 30 जनवरी 2026

पारण का समय: सुबह 7:10 बजे से 9:20 बजे तक

द्वादशी समाप्ति: सुबह 11:09 बजे

इस दिन मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है और इससे धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है। नीचे कुछ प्रमुख मंत्र दिए गए हैं:

भगवान विष्णु के मंत्र

शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं।

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्॥

लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।

वंदे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

भगवान विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।

तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

भगवान विष्णु मंगल मंत्र

मंगलं भगवान विष्णु, मंगलं गरुड़ध्वज।

मंगलं पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनो हरि॥

माता लक्ष्मी और गणेश जी का मंत्र

दंताभये चक्रधरो दधानं,

कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।

धृताभ्जया लिंगितमब्दिपुत्रं,

लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥

भगवान विष्णु का पंचरूप मंत्र

ॐ अं वासुदेवाय नमः।

ॐ आं संकर्षणाय नमः।

ॐ प्रद्युम्नाय नमः।

ॐ अः अनिरुद्धाय नमः।

ॐ नारायणाय नमः।

धन और समृद्धि के लिए मंत्र

ॐ भूरिदा भूरि देहिनो मा दभ्रं भूर्याभर।

भूरि घेदिन्द्र दित्ससि॥

ॐ भूरिदा त्यसि श्रुतः पुरुत्रा शूर वृत्रहन्।

आ नो भजस्व राधसि॥

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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