झारखंड ने आज पुणे में हरियाणा को 69 रनों से हराकर पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीता। पहले बल्लेबाजी करते हुए झारखंड ने 3 विकेट पर 262 रन बनाए। कप्तान ईशान किशन ने शानदार शतक (101 रन) जड़ा जबकि कुमार कुशाग्र ने भी बेहतरीन अर्धशतक लगाया। इस प्रदर्शन के दम पर झारखंड ने बड़े स्कोर का निर्माण किया और फाइनल में दबदबा बनाया।
हरियाणा की पारी शुरुआत में ही लड़खड़ाई
हरियाणा की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में ही पिछड़ गई। झारखंड के विकास सिंह ने पहले ही ओवर में कप्तान अंकित कुमार और आशीष सिवाच को पवेलियन भेजा। यशवर्धन दलाल और अर्श कबीर विवेक ने कुछ समय के लिए पारी संभाली, लेकिन सुशांत मिश्रा और बाल कृष्ण ने महत्वपूर्ण विकेट लेकर हरियाणा की उम्मीदों को तोड़ दिया। आखिरकार हरियाणा की टीम 18.3 ओवर में 193 रनों पर ऑलआउट हो गई।
ईशान किशन के शतक ने लिखी जीत की कहानी
ईशान किशन की कप्तानी और शतक ने झारखंड की जीत सुनिश्चित की। गेंदबाजी में सुशांत मिश्रा और बाल कृष्ण ने 3-3 विकेट लेकर टीम को शानदार सहयोग दिया। अनुकूल रॉय ने भी महत्वपूर्ण विकेट लिए। सामंत देवेंदर जखर ने 17 गेंदों में 4 छक्के जड़कर 38 रन बनाए, लेकिन आखिरी तक टीम को बचा नहीं सके। झारखंड की जीत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बधाई दी है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का इतिहास
यह ट्रॉफी का 17वां सत्र था और झारखंड 11वां विजेता टीम बना। तमिलनाडु तीन खिताबों के साथ सबसे सफल टीम है। कर्नाटक, गुजरात और बड़ौदा ने दो-दो बार यह खिताब जीता है। मुंबई ने पिछले साल मध्य प्रदेश को हराकर दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब झारखंड पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के विजेता बनकर इतिहास रचा है।