Jhelum river flood: पाकिस्तान में झेलम नदी में अचानक पानी का सैलाब आ गया। सुनने में आम लगेगा कि बाढ़ आई है, लेकिन असली खेल कुछ और था। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला किया था, जिससे पाकिस्तान में सूखे की आशंका थी। पर आ गई बाढ़, जिसका अंदेशा शायद ही पाकिस्तान को था।
पूरी कहानी जानिए
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जब आतंकियों ने 26 बेगुनाहों को जान से मार दिया तब से देशभर में आक्रोश फैला हुआ है। हर तरफ आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही थी। इसी के मद्देनजर पीएम मोदी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इसमें पाकिस्तान के खिलाफ 5 सख्त कूटनीतिक फैसले लिए गए। इन्हीं में से एक था- सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना।
फैसले के बाद पाकिस्तान में हाहाकार मच गया। हर तरफ चर्चाएं थीं कि अब पाकिस्तान में पानी की भारी किल्लत हो जाएगी, खेत सूख जाएंगे, लोग पानी के लिए तरसेंगे।
बाढ़ से हिली पाकिस्तान सरकार और मीडिया
अभी सवालों का यह सिलसिला चल ही रहा था कि अचानक पाकिस्तान के मुज्जफराबाद में बाढ़ की खबर ने सभी को चौंका दिया। शनिवार को अचानक खबर आई कि PoK के मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। मस्जिदों से आपातकालीन ऐलान होने लगे। गांवों में अफरा-तफरी मच गई। पाकिस्तानी मीडिया और सरकार दोनों सकते में आ गए कि यह हुआ क्या?
पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत पर आरोप लगाया कि बिना बताए अनंतनाग से बहुत ज्यादा पानी छोड़ दिया गया। चकोठी सीमा से लेकर मुजफ्फराबाद तक झेलम नदी बेकाबू हो गई।
प्लान कुछ और खेल कुछ और
पीएम मोदी अपने सरप्राइज अनाउंसमेंट्स के लिए जाने जाते हैं। चाहे वो भारत में नोटबंदी का अचानक फैसला हो, कोविड के वक्त बिना चेतावनी लॉकडाउन हो, या फिर पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, मोदी हमेशा चौंकाने वाले कदम उठाते रहे हैं। लगता है इसी स्ट्रैटेजी को दोहराते हुए, इस बार भी भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की एक किश्त दे दी है। पाकिस्तान जहां सूखे का डर लेकर बैठा था, वहां बाढ़ का झटका मिल गया है।