
JNUSU Election Result 2025: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) का छात्र संघ चुनाव हमेशा चर्चा में रहता है। इस बार भी नतीजे बड़े दिलचस्प रहे। वामपंथी संगठनों के गठबंधन ने फिर से अपना दबदबा कायम किया और आरएसएस-बीजेपी के स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को करारी शिकस्त दी।
जेएनयू में वाम एकता ने गुरुवार को अपना दबदबा बरकरार रखते हुए छात्र संघ चुनाव में केंद्रीय पैनल के सभी पदों पर जीत हासिल कर ली। ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA)’, ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)’ और ‘डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF)’ के गठबंधन ने छात्र संघ चुनाव में भारी जीत हासिल की है और जेएनयू परिसर में अपना दबदबा फिर कायम किया।
अदिति मिश्रा ने ABVP के विकास पटेल को 449 मतों से हराकर अध्यक्ष पद जीता। किझाकूट गोपिका बाबू ने तान्या कुमारी को हराकर उपाध्यक्ष पद हासिल किया। सुनील यादव ने राजेश्वर कांत दुबे को और दानिश अली ने अनुज को हराकर महासचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए।
इस साल लगभग 9,043 विद्यार्थी मतदान के लिए पात्र थे। चुनाव में 67 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव के 70 प्रतिशत से थोड़ा कम है। जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में जबरदस्त भागीदारी देखी गई। छात्रावासों और स्कूलों के बाहर नारे, ढोल‑नगाड़ों और चुनावी गीतों के बीच विद्यार्थी कतारों में खड़े थे।
यह परिणाम ABVP के लिए बड़ा झटका है। पिछले साल वैभव मीणा ने संयुक्त सचिव पद जीतकर संगठन को केंद्रीय पैनल में वापसी दिलाई थी। यह एक दशक में संगठन की पहली जीत थी। इससे पहले, 2015 में सौरभ शर्मा की जीत ने 14 साल का सूखा खत्म किया था। इससे पहले, अध्यक्ष पद पर ABVP की एकमात्र जीत 2000-01 में हुई थी, जब संदीप महापात्रा ने वामपंथियों के प्रभुत्व को ध्वस्त किया था।
इस साल के नतीजों ने साफ कर दिया कि जेएनयू में वामएकता का दबदबा कायम है। यह परिसर हमेशा बहस, असहमति और छात्र सक्रियता का केंद्र रहा है और इस चुनाव ने उस परंपरा को फिर से मजबूत किया है।
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